संघलोक सेवा आयोग की 2018 परीक्षा मा 13वी रैंक लाण ह्वाल वर्णित नेगी न मांगी छेयी माता रानी ये मंदिर मा मन्नत, जाणो ये मंदिर खासियत

उत्तराखंड कुणी देवभूमि बुले जांद, यख कण कण मा देवी देवता वास कर दीन। यी कारण च कि यख हर गाँव मा इलकू मा इष्ट देवी देवता मंदिर बणी छन। यी कारण च कि यख वासी प्रवासी अपर इष्ट देवू मंदिर मा मन्नत मंगणा कुणी दूर दूर बटी सपरिवार ऐ करदन।
ब्याली यूपीएससी परीक्षा क रिजल्ट आयी जैमा उत्तराखंड क वर्णित नेगी जू उत्तराखंड मूल क पौड़ी जिला, यमकेश्वर प्रखंड मा किमसार गाँव रैवासी अर अजो बिलासपुर छत्तीसगढ़ मा रैवास कना छन उन 13 वी रैंक लेकन पूर उत्तराखंड मा इलक नाम रोशन करी। वर्णित नेगी चिचा न बते की जब पिछली बार 504 रैंक लेकन उन यही परीक्षा पास करी छेयी, लेकिन उ इथगा मा सन्तुष्ट नि ह्वेन, तब दूसर बार तैयारी कन बगत उ हरिद्वार एन अर वेक बाद हम सपरिवार वर्णित नेगी ददी दगड़ मा क्षेत्र इष्ट देवी माँ विंदयवासनी मंदिर मा ग्यवा। वख हमुन मन्नत माँगी, अर ये नवरात्र बगत मा माता न हमरी मन्नत पूर करी भी द्याय। उन ब्वाल की जू क्वी भी भक्त ये मंदिर मा सच्चू दिल से मन्नत मंगद वा जरूर पूरी हूँद।

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यी विंदयवासनी मंदिर भी पौड़ी गढ़वाल क यमकेश्वर प्रखण्ड मा राजा जी नेशनल पार्क मा च। हरिद्वार ऋषिकेश बिटी 15 किलोमीटर दूर यी मंदिर द्वी नदियूं संगम मा मत्थी पहाड़ मा माता रानी रैवास करदी। रामनवमी बगत यख कौथिग लगदू। ताल नदी अर त्याड़ो नदी संगम किनर ये मंदिर मा जू शांति मिल्दी वेक अलग ही अनुभव च। ये मंदिर ये इलक की अधिष्ठात्री देवी च। आज भी लोग यख श्रद्धा भाव से जू भी मन्नत मगदीन वा जरूर पूर ह्वे करदी। पर्यटक यख सदनीं बाट लग्या रदिन। राजा जी नेशनल पार्क कारण ये मंदिर कू विकास नि ह्वे पायी।
मध्यप्रदेश बाद यख ही मा विंदयवासनी मंदिर च। नवरात्रो मा यख पूजा पाठ कन से मन से मंगी मन्नत पूर हूंद यन लोगू विश्वाश आज भी बरकरार च।

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