पंचायत चुनौ 2019ः गॉव की सरकार तै अपर खुट्टा पर खड़ कनै की दरकार

पंचायत तै केन्द्र अर राज्य सरकार बिटी बजट बगत पर जारी करयाणा रायी, लेकिन पंचायत तै अपर आर्थिक आधार तै मजबूत कन खातिर क्वी खास काम नी करे गेन। चौथ राज्य वित्त आयोग रिपोर्ट मा या बात खुली कन समणी आयी। अब नै पंचायत तै भी यी समस्या सामना कन पड़ल।

पंचायत खास बात
1. गा्रम पंचायत केन्द्र अर राज्य बिटी मिलण ह्वाळ अनुदान पर ही भरोसा
2. पंचायत अधिनियम तै कर संग्रह करन अधिकार, लेकिन क्वी नी कनू प्रयोग

प्रदेश सरकार तरफ बिटी नै पंचायती राज अधिनियम तहत गा्रम पंचायत तै अपर कर संग्रह तै बढाण खातिर कत्ती प्रकार अधिकार दिये गेन। अधिनियम मा व्यवस्था करे ग्यायी कि पंचायत अपर पंचायत क्षेत्र मा बण्यू बरात घर खातिर भी शुल्क वसूल सकल। येक दगड़ी स्वच्छता समेत होर सुविधौं विकास खातिर पचांयत तै कर संग्रह कना अधिकार दिये ग्यायी। पंचायतौं तै दियूं अधिकार फिलहाल त अधिनियम तक नही सीमटी कन रै ग्यायी। जाणकारी मुताबिब प्रदेश की अधिकतर पंचायतौं न अपर कर संग्रह बढाण खातिर क्वी काम नी करी। पंचायतौं तै केन्द्र दगड़ी राज्य बिटी भी अनुदान मिलदू। वित्त आयोग रिपोर्ट मुताबिक अधिकतर ग्राम पंचायत अल अलग निर्माण काम अर अपर खर्च उठाण खुणि अनुदान पर ही निर्भर छन। यी हाल क्षेत्र पंचायत अर जिला पंचायत छन।
इथगा हूण पर निर्माण काम मा ज्यादातर ग्राम पंचायत तरफ बिटी करयाणा छ। सेंटर फॉर गुड गवर्नेस तरफ बिटी कर्यूं अध्ययन मा समणी आयी कि 26 ग्राम पंचायतौं मा कुल खर्च 833 प्रतिशत ग्राम पंचायत 15 प्रतिशत क्षेत्र पंचायत अर करीब द्वी प्रतिशत जिला प्रतिशत तरफ बटी करे ग्यायी। ये मा 41 प्रतिशत सीसी मार्ग निर्माण 20 प्रतिशत खर्च सिचैं, अर पेयजल खातिर टैंक निर्माण 25 प्रतिशत उपयोग प्राकृतिक जल स्त्रोंत पुनर्जीविकरण 25 प्रतिशत होर निर्माण काम, आठ प्रतिशत नाळयूं निर्माण मा करे ग्यायी।

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