शहीद चित्रेश क पिता देश खातिर तैयार करल सैन्य अफसर, बणायी या योजना, ब्वाल कि म्यार एक चित्रेश कुर्बान ह्वायी, लेकिन मी सैकड़ों चित्रेश बणाण की कोशिश करलू

पुलवामा मा शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट क पिता बेटा की शहादत मा आवासीय सैनिक स्कूल ख्वालल। ये स्कूल मा सेना मा अफसर बणन क सुपीन दिखण ह्वाळ गरीब अर जरूरत मंद बच्चों तै मुफत कोचिंग दीये जाली। ये बाबत शहीद पिता रिटायर्ड कोतवाल बिष्ट न मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत तै भी पूरी योजना से अवगत करे दिये ग्यायी। जल्द येकी कार्ययोजना बणये जाली।
राजौरा मा बारूदी सुंरग मा नाकाम कना क प्रयास करद बगत 16 फरवरी कुणी शहीद हूण ह्वाळ मेजर चित्रेश बिष्ट पिता सेवानिवृत्त कोतवाल एसएस बिष्ट तै बेटा की शहादत क गम दगड़ी गर्व भी च। आईडी डिफ्यूज करी कन मेजर चित्रेश न अपर सर्वोच्च बलिदान द्यायी। यन मा शहादत तै कब्बी नी बिसरे सक्यांद। बेटा की शहादत क बाद पिता भले भीतर बटी कमजोर ह्वे गे ह्वाल लेकिन उंक मन मा समाज सेवा क जज्बा अजों भी कम नी ह्वायी। यी कारण च कि शहीद मेजर पिता एसएस बिष्ट बुलदन कि अब बेटा की याद मा आवासीय सैनिक स्कूल ख्वालल।
ये कुणी उन हल्द्वानी, रानीखेत या फिर दून मा जख जमीन मीलली वख स्कूल खुलण की इच्छा जाहिर करी। ये कुणी बिष्ट न मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिहं रावत दगड़ी चर्चा करी कन सहयोग कना की अपेक्षा करी। मेजर चित्रेश बिष्ट क पिता बुलण च कि बेटे की शहादत बाद सरकार जू भी आर्थिक मदद परिवार तै द्याली, वै ते उ स्कूल पर खर्च करल। येक अलावा पेंशन अर जमा पूंजी भी ये काम मा लगाण मा पैथर नी हटलू। उन ब्वाल कि ये आवासीय स्कूल मा उ गरीब, कमजोर, अर जरूरतमंद यन नै छोळी नै छरोळी जू देश की रक्षा खातिर अफसर बणन क सूपीन दिखदन, लेकिन उम संसाधन नी ह्वाव त यन तै उ प्रशिक्षण द्याल। अंसधरी आख्यूं लेकन ब्वाल कि गरीब बच्चा जब सेना मा अफसर बणल त यूं बच्चों मा मि तै म्यार चित्रेश नजर आल। म्यार एक चित्रेश कुर्बान ह्वायी, लेकिन मी सैकड़ों चित्रेश बणाण की कोशिश करलू।

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *