बाळ नौन्याळौं मा डायबिटीज लक्षण यूॅ 05 तरीकौं से पछाणौ

बाळ नौन्याळौं मा डायबिटीज लक्षण तै यूॅ 05 तरीकौं से पछाणौ

अजकली डायबिटीज सिरफ बड़ू ता ही ना बल्कण बाळ नादान बच्चैं मा भी बढणा। यहाॅ तक कि नवजात शिशु मा भी डायबिटीज दिखणा कुणी मिलणा छन। कम उम्र मा टाईप -1 डायबिटीज या नियोनेटल डायबिटीज हूण की संभावना ह्वे करदी। बच्चा पेशाब कन पर चिपचिपाहट, महसूस हूण, पेशाब पर खुट्ट पड़न से फर्श चिपचिपू हूण, बच्चा सुस्त हूण, ज्यादा रूण, थक्यूं सी पड़यूं रैण, बार बार पेशाब कन यी डायबिटीज लक्षण ह्वे सक्दन।

बच्चों मा डायबिटीज
जरूरी नी छ कि यूं बच्चैं परिवार मा भी कै ते डायबिटीज ह्वाव। वखी ज्वनी यानि किशोरावस्था मा टाइप- 2 डायबिटीज सामान्य ह्वे करदू। ये से परिवार क सदस्यौं मा डायबिटीज हूण आम बात छ। एक से द्वी साल उम्र मा टाईप-1 डायबिटीज इलाज, इन्सुलिन, इंजेक्शन बिटी, बच्चा क परिवार अर एंडोक्रिनाॅलाजिस्ट द्वी कुणी एक चुनौती ह्वे करदू। एक दिन मा कत्ती बार ब्लड शुगर जाॅच कन अर तीन से चार बार इंसुलिन इंजेक्शन दीण आसान नी छ। छ्वटू बच्चैं मा डायबिटीज तै पछाण कन पाण मुश्किल छ। अगर ये तै जल्द से जल्द पछणै नी ग्यायी त एक विकराल रूप भी ले सकदू। यी इतना घातक ह्वे सकदू कि ये से बाळ नौन्याळ कि आॅख अर किडनियौं पर बुरा असर पड़ सकदू। आवा जणदा छवां कि बच्चैं मा मधुमेह मा लक्षणौं तै कन क्वे पछाण सकदो।

ज्यादा तीस लगण

बाळ नौन्याळ यन नी बतै कि उंतै कबरी तीस लगल अर कब ना। ये मामला मा आप तै पूरी तरह से सतर्क रैण पड़ल। आप तै यी बात पर ध्यान दीण ह्वाळ कि दिन भर मा आपक बच्चा पाणी कितनी बोतल खत्म करद। अपने बाल चिकित्सक से यी जरूर पूछ लेन कि हर उम्र क बच्चैं कुणी कथगा पाणी पीण पर्याप्त हूंद। अगर थोड़ा बौत अंतर हूंद त ये मा क्वी परेशनी बात नी छ, लेकिन यी अंतर बौत छ त आपकौ थोड़ा सचेत हूण जरूरत छ।

बार बार पेशाब आण

यी बताण थुड़ा मुश्किल छ कि शिशुओं मा पेशाब हूण मा कितनी सीमा हूण चियांद। अगर आप यी जण चदों कि यीं बात पर गौर करौं त आप अपर बच्चा तै डाईपर दिन मा कथगा बाद बदले करदो।

बजन अचाणचक कम हूण

अक्सर बाळ नौन्याळ जब दाॅत ऐ करदन या जब उ हिटण सिखदन त उंक वनज मा कमी आंद। लेकिन येक अलावा भी आपक बच्चा क बजन कम हूणा ह्वाव त तुम तै फौरन येक जाॅच करवाण चियांद। बजन बिना वजह अचाणचक कम हूण भी मधुमेह लक्षण छन।

थकान अर कमजोरी

उन त बाळ नादान बच्चा दिन मा ज्यादातर सियां रै करदन, लेकिन अगर आपक बच्चा कमजोर थक्यूं लग्यूं छ्यायी त ये तै खबरा घंटी समझण चियांद। बच्चा अगर खिलणा ज्यू नी बुलणा ह्वाव अर एक घंटा से भी ज्यादा सियां त वै मा प्रतिरोध क्षमता की कमी छ।

घाव नी भरयाण

बच्चैं तै कत्ती दफा चोट फटांग लग जांद, लेकिन अगर यी घाव भरयाण मा समय लगणा छ त, यी एक चिंता विषय छ।

नोटः- ये लेख तै सिरफ एक सलाह का रूप मा द्याखो। यी डायबिटीज इलाज नी छ। ज्यादा जानकारी कुणी अपर डाॅक्टर से सम्पर्क करो।

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