नोएडा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हिस्ट्रीशीटर समेत चार बदमाश अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा: नोएडा कमिश्नरेट में अवैध हथियारों और वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत इकोटेक-3 कोतवाली पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर समेत चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बदमाशों के पास से अत्याधुनिक अवैध हथियार, भारी मात्रा में कारतूस और एक बिना नंबर प्लेट की लग्जरी फॉर्च्यूनर कार जब्त की गई है।
मुखबिर की सूचना पर खेड़ी गोल चक्कर के पास घेराबंदी
एडीसीपी (ADCP) सेंट्रल नोएडा स्वतंत्र सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस टीम को मुखबिर से बदमाशों के मूवमेंट की सटीक सूचना मिली थी। इसी आधार पर पुलिस ने सादुल्लापुर सर्विस रोड स्थित खेड़ी गोल चक्कर के पास जाल बिछाया। नाकेबंदी के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध फॉर्च्यूनर कार को रोककर उसमें सवार चार युवकों को हिरासत में लिया।
आरोपियों की पहचान और हथियारों की बरामदगी
पकड़े गए आरोपियों की पहचान राहुल यादव (निवासी होशियारपुर), यश नागर (निवासी सादुल्लापुर), अभिषेक उर्फ अन्नू (निवासी मिल्क लच्छी) और जोगेंद्र उर्फ हैप्पी (निवासी जलालपुर) के रूप में हुई है। जामा तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से निम्नलिखित बरामदगी हुई:
राहुल यादव: 01 अवैध पिस्टल और 03 जिंदा कारतूस
यश नागर: 01 अवैध पिस्टल और 02 जिंदा कारतूस
अभिषेक उर्फ अन्नू: 01 अवैध तमंचा और 02 जिंदा कारतूस
जोगेंद्र उर्फ हैप्पी: 01 अवैध तमंचा और 02 जिंदा कारतूस
वाहन: वारदात और आवाजाही में इस्तेमाल हो रही बिना नंबर प्लेट की फॉर्च्यूनर कार।
गिरफ्तार यश नागर है इलाके का हिस्ट्रीशीटर
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक, यश नागर, थाना इकोटेक-3 क्षेत्र का घोषित हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder), बलवा, जानलेवा मारपीट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट जैसे करीब 10 गंभीर आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस पकड़े गए अन्य तीनों आरोपियों के भी आपराधिक इतिहास (Crime Record) को खंगाल रही है।
पुलिस का बयान: “चारों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत नया मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। अब इस बात की गहनता से तफ्तीश की जा रही है कि बरामद इन अवैध पिस्टलों और तमंचों का इस्तेमाल हाल-फिलहाल में किसी बड़ी वारदात में तो नहीं किया गया। साथ ही इनके हथियारों की सप्लाई चेन और सिंडिकेट से जुड़े अन्य साथियों की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं।”
