क्राइम

यमुनानगर में करोड़ों की जमीन हड़पने का आरोप, महिला ने अधिवक्ता समेत 10 लोगों पर लगाए गंभीर आरोप

यमुनानगर: हरियाणा के यमुनानगर जिले के गांव मुजाफ्त से धोखाधड़ी और अपहरण का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक महिला ने एक स्थानीय अधिवक्ता (वकील) और उसके सहयोगियों सहित कुल दस लोगों पर उसके पति को बंधक बनाकर करोड़ों रुपये मूल्य की पैतृक जमीन हड़पने का संगीन आरोप लगाया है। पीड़िता ने सोमवार को यमुनानगर के एसपी कमलदीप गोयल से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई है।

गांव मुजाफ्त निवासी अमनजीत कौर ने एसपी को सौंपी अपनी शिकायत में बताया कि उनके पति लंबे समय से अत्यधिक शराब पीने के आदी हैं, जिसके कारण उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं रहती। वर्तमान में उनका इलाज पीजीआई (PGI) चंडीगढ़ में चल रहा है। आरोप है कि पति की इसी मानसिक और शारीरिक कमजोरी का फायदा उठाकर एक वकील और उसके साथियों ने उन्हें अपने प्रभाव में ले लिया। साजिश के तहत आरोपियों ने पहले उनके पति को बहला-फुसलाकर अपने कब्जे में लिया और फिर एक फर्जी इकरारनामा तैयार करवा लिया।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने जमीन की रजिस्ट्री आसानी से कराने के लिए उनके पति का एक फर्जी आधार कार्ड भी तैयार करवाया, जिसमें उनका पता बदलकर किसी दूसरे गांव का दर्शा दिया गया। इसके बाद, बीती 17 मार्च 2026 को आरोपियों ने उनके पति को अगवा कर लिया। पति के अचानक लापता होने के बाद महिला अपने बच्चों के साथ उन्हें लगातार तलाशती रही और इस संबंध में थाना व्यासपुर में शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन कई दिनों तक उनका कोई सुराग नहीं लगा।

बाद में महिला को पता चला कि आरोपियों ने ₹1.25 करोड़ प्रति एकड़ की कीमती जमीन को हड़पने की नीयत से उनके पति को बंधक बनाकर किसी गुप्त स्थान पर रखा हुआ था। किसी तरह पति को उनके चंगुल से छुड़वाया गया। इसके कुछ समय बाद आरोपी सीधे उनके खेतों पर पहुंच गए और यह दावा करते हुए कब्जा छोड़ने की धमकी दी कि उन्होंने यह जमीन कानूनी रूप से खरीद ली है। पीड़िता का कहना है कि जब से उन्होंने इस धोखाधड़ी के खिलाफ आवाज उठाई है, तब से आरोपी पक्ष द्वारा पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जा रही हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।