पुलिस पर फायरिंग के मामले में PLFI सुप्रीमो अमृत होरो को 3 साल की सजा, 30 हजार जुर्माना
गुमला। पुलिस टीम पर फायरिंग कर फरार होने की कोशिश करने के मामले में एडीजे-3 भूपेश कुमार की अदालत ने पीएलएफआई सुप्रीमो अमृत होरो उर्फ मेचो को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 30 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है।
मामला वर्ष 2015 का है। 13 जून को कामडारा पुलिस को सूचना मिली थी कि अमृत होरो अपने कुछ साथियों के साथ थाना क्षेत्र के गरई इलाके में मौजूद है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर घेराबंदी की।
पुलिस को देखते ही अमृत होरो ने कथित तौर पर फायरिंग शुरू कर दी और मौके से भागने लगा। पुलिस से बचने के दौरान वह एक कुएं में जा गिरा। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे बाहर निकालकर गिरफ्तार कर लिया था। घटना को लेकर कामडारा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद मामले की सुनवाई पूरी हुई और बुधवार को अदालत ने अमृत होरो को दोषी मानते हुए तीन वर्ष की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
अमृत होरो को मई 2026 में लापुंग थाना क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पूर्व पीएलएफआई सुप्रीमो मार्टिन केरकेट्टा के मारे जाने के बाद अगस्त 2025 में अमृत होरो के संगठन की कमान संभालने की बात सामने आई थी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अमृत होरो लंबे समय से झारखंड के विभिन्न इलाकों में सक्रिय रहा है। उसके खिलाफ हत्या, आगजनी, रंगदारी और ठेकेदारों को धमकाने जैसे कई गंभीर आरोप हैं। रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम जिलों के अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ 50 से अधिक नक्सली मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस के मुताबिक, अमृत होरो पर कारोबारियों, ईंट-भट्ठा संचालकों और निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदारों से लेवी वसूलने के आरोप भी रहे हैं। वर्ष 2023 में लापुंग क्षेत्र में एक व्यक्ति की हत्या और 2024 में पश्चिमी सिंहभूम में संगठन के एक कथित बागी सदस्य की हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आया था।
अप्रैल 2026 में खूंटी के कर्रा थाना क्षेत्र में एक रेल लाइन परियोजना की साइट पर फायरिंग और रोड रोलर में आग लगाने की घटना में भी उसके गिरोह की संलिप्तता बताई गई थी। इस मामले में ठेकेदार से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, लोहरदगा और पिठौरिया क्षेत्र में भी लेवी वसूली के लिए धमकी देने के मामले सामने आए थे।
