मरणोपरांत अशोक चक्र विजेता सपूत मेजर मोहित शर्मा जब अकेला 25 आ’तंकवा’दियों दगड़ी भीड़ गीन , दु’श्म’नो तै मारीकन तब ह्वे गे छ्यायी शहीद

मरणोपरांत अशोक चक्र विजेता सपूत मेजर मोहित शर्मा जब अकेला 25 आ’तंकवा’दियों दगड़ी भीड़ गीन , दु’श्म’नो तै मारीकन तब ह्वे गे छ्यायी शहीद

आज हम तुम तै इंडियन आर्मी एक इन वीर सपूत यो’द्धा बाबत बताणा छवा कि , जैन अपर जीवन मा कब्बी हार नी मानी। यू वीर सैनिक इन छ्यायी कि जू नामुमकिन तै भी मुमकिन कन कनू यी सब ब्यून्त जणद छ्यायी। हाँजी हम बात कना छवा भारतीय सेना अशोक चक्र विजेता मेजर मोहित शर्मा जू अपर दगड्यो बीच माइक नाम से पछणे जांद छ्यायी ।

मेजर मोहित शर्मा जलम 13 अगस्त 1978 कुणी हरियाणा रोहतक मा ह्वे छ्यायी। उक पिता नाम राजेंद्र प्रसाद शर्मा अर माँ नाम सुशील शर्मा छ। मेजर मोहित शर्मा सिर्फ शौक खातिर ना बलकन अपर जुनून कारण भारतीय सेना मा भर्ती ह्वाई। मेजर मोहित शर्मा भौत ही बहादुर सिपे छ्यायी , 21 मार्च 2009 कुणी कश्मीर मा हफरूदा जंगल मा आ’तंकियों तै मरण कुणी जब एक ऑप’रेशन चलये गे छ्यायी । वे बगत मेजर मोहित दगड़ी उकी टीम मा सिर्फ 10 लोग छ्यायी। यूँ तै आ’तंकियूँ शिविर जानकारी मिली छेयी। भारतीय सेना न आ’तंकि’यों कैंप पर ह’म’ला कर दे छ्यायी। द्वी तरफ बिटी फाय ‘रिंग ह्वाई अर ये दौरान मेजर मोहित तै भी गो’ली लगी ग्यायी।

ये ऑपरेशन दौरान गो’ली लगण से मेजर मोहित दगड़ी ही उनके द्वी दगड्या भी घा’यल ह्वे गे छ्यायी। लेकिन अपरि जान परवाह कर्या बगैर मेजर मोहित न अपर द्वी साथी जवानों तै बचायी अर ग्रेने’ड बिटी ह’मला करिकन अकेला ही करीब 25 आ’तंकवा’दियों दगड़ी भीड़ी गीन। ये ऑपरेशन दौरान मेजर मोहित शर्मा दगड़ी आठ होर जवान भी श’ही’द ह्वे गे छ्यायी। शहीद मेजर मोहित तै बाद मा अशोक चक्र से सम्मानित करे ग्यायी।

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