येक ब्यौ इन भी : आस्ट्रेलिया रैवासी जूलिया बून धारी देवी मंदिर मा जोगी दगड़ी सात फ्यारा लेकन बणी जोगण

अजकली उत्तराखण्ड मा एक इन ब्यौ जै जिकर हर क्वी कनू अर लोगू खुणी यू चर्चा विषय बण्यूं, किलै कि यू ब्यौ कुछ अलग सी छ्यायी। आस्ट्रेलिया बिटीं अयीं प्रवासी जनानि न गढवाळ जण्यू मण्यू सि़द्धपीठ धारी देवी मंदिर मा हिंदू रीति रिवाज मा एक जोगी योगीराज सिद्धनाम महाराज बर्फानीदास बाबा दगड़ी फ्यारा लेकन ब्यौ करयाल। मंदिर मा दरसन खातिर अयां जत्रवे खुणि यू ब्यौ बौत खास रायी अर उं सब्यूं मन मा ये ब्यौ तै लेकन जिज्ञासा बणी छ।

सिद्धपीठ धारी देवी मंदिर मा ब्यौं कना खातिर अयीं आस्ट्रेलियन जनानी 40 साल जूलिया बून न मंदिर पुजरियौं तै बतै कि वा पोरू साल सितम्बर मैना नौरात्रौं मा बदरीनाथ आयी, वख बाबा सिद्धनाथ महाराज बर्फानीदास दगड़ी उंकी मुखाभेट ह्वायी। 06 नवम्बर बिटी वा बाबा क घिंघराणा चमोली मा बंद महेश्वर आश्रम मा रैवास कनी छेयी। वख वा योग साधना अर ब्रहम विद्या साधना कनी छेयी। वीं दगड़ा मा वींक पॉच साल नौन्याळ भी छ्यायी। जब वींक नौन न सिद्धनाथ बाबा खुणि पिता बोली द्यायी तब बिटी वीन बाबा दगड़ी ब्यौ कना स्वाची। वा 9 दिसम्बर खुणी सिद्धपीठ धारी देवी मंदिर आयी अर यख मंदिर पुजारियौं दगड़ी बात करी अर तब ब्यौ करी।

आस्ट्रेलियन जनानि अर बाबा सिद्धनाथ महाराज बर्फानीदास ब्यौ हिंदू रीति रिवाज से करे ग्यायी। जूलिया बून न ब्यौ बाद अपर हिंदू नाम माता रिषवन धरी। एमबीए पास जूलिया हिंदू धर्म मा अगाध श्रद्धा अर विश्वास करदी, अर यी कारण छ कि उन हिंदू धर्म अपणायी वैक बाद अपर द्वी नौन्याळू नौं विद्वान अर विशाल धरी।

ये बाबत आस्ट्रेलियन रैवासी जूलिया बून न जिलाधिकारी चमोली स्वाति भदौरिया खुणि लिखीं चिठ्ठी मा बतै कि वींक वख अपर आस्ट्रेलिया मा शांति द्वार आश्रम छ। जख बौत लोग योग साधना समेत कत्ती होर धार्मिक कार्यक्रम उरै करदन। अर जब भी वा अफी देवभूमि उत्तराखण्ड मा रैवास कन ह्वाळ छ, यख रैकन आस्ट्रेलिया लोगू तै हरिद्वार, केदारनाथ, कालीमठ, बद्रीनाथ जणी जगह मा घुमाणा अर दरसन कना खातिर लेकन जाली।

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