उत्तराखंड में बर्ड फ्लू संक्रमित राज्यों से मुर्गियों और अंडों के आयात पर लगी रोक

उत्तराखंड में बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग ने संक्रमित राज्यों से मुर्गियों, चूजों और अंडों के आयात पर रोक लगा दी है। साथ ही किसी पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों में बर्ड फ्लू के लक्षण मिलने पर अंडों व मुर्गियों का क्रय-विक्रय बंद किया जाएगा।

वर्तमान में प्रदेश में 408 बड़े लेयर और बॉयलर पोल्ट्री फार्म हैं। इसके अलावा 14 हजार से ज्यादा छोटे पोल्ट्री फार्म हैं। प्रदेश में मुर्गीपालन भी स्वरोजगार का एक बड़ा जरिया है। हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा व चंडीगढ़ समेत अन्य राज्यों में बर्ड फ्लू से हजारों पक्षियों की मौत के बाद उत्तराखंड में भी अलर्ट जारी हो गया है। पशुपालन विभाग ने बर्ड फ्लू संक्रमित राज्यों से प्रदेश में मुर्गियों, चूजों व अंडों के आयात पर रोक लगा दी है। जिससे प्रदेश में बर्ड फ्लू न फैल सके। इसके साथ ही पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू के लक्षण मिलने पर अंडों व मुर्गियों का क्रय-विक्रय बंद रहेगा।

पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. केके जोशी का कहना है कि प्रदेश में बर्ड फ्लू को लेकर नियमित रूप से निगरानी की जा रही रही है। अभी तक किसी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू रोग के लक्षण नहीं मिले हैं। एहतियात के तौर पर संक्रमित राज्यों से अंडों, मुर्गियों व चूजों के आयात को प्रतिबंध किया गया है। बर्ड फ्लू की जांच के लिए जिला व ब्लाक स्तर पर सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।

बर्ड फ्लू को लेकर मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि बर्ड फ्लू से बहुत सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से इस संबंध में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। इस बीच उन्होंने मुख्य सचिव ओम प्रकाश से भी बात की और उन्हें दिशा-निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्र सरकार से इस बारे में अभी दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। बृहस्पतिवार तक गाइडलाइन प्राप्त होते ही शासन के स्तर से कार्रवाई की जाएगी।

बुधवार को मुख्यमंत्री स्वस्थ होकर जब देहरादून पहुंचे, तो इस दौरान उनसे बर्ड फ्लू को लेकर सवाल किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बर्ड फ्लू से बहुत सावधान रहने की जरूरत है। बर्ड फ्लू मनुष्य में संचरित हो सकता है। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान सावधानी है। उन्होंने इस बारे में मुख्य सचिव से बात की है। उन्हें बहुत सतर्कता बरतने को कहा गया है। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि बृहस्पतिवार तक केंद्र सरकार से दिशा-निर्देश प्राप्त हो जाएंगे।

विभाग ने जारी किया टोल फ्री नंबर 
बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग ने टोल फ्री नंबर 18001208862 जारी किया है। प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में पक्षियों और मुर्गियों की मौत होने पर तत्काल टोल फ्री नंबर पर सूचना दें। वहीं, विभाग ने निदेशालय में कंट्रोल रूप में स्थापित किया गया। जहां पर 0135-2532809 नंबर पर सूचना दे सकते हैं।

बर्ड फ्लू की निगरानी में कोताही पर होगी सख्त कार्रवाई 
पशुपालन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्य ने कहा कि विभागीय अधिकारियों और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों को बर्ड फ्लू को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन का सख्ती से पालन किया जाएगा। निगरानी में कोताही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रेखा आर्य ने कहा कि राजस्थान, मध्यप्रदेश, हिमाचल, केरल समेत कई राज्यों में तेजी से बर्ड फ्लू बढ़ रहा है। विभाग की ओर से इस बीमारी से बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोल्ट्री फार्म का नियमित रूप से निगरानी करें। प्रदेश में कहीं भी पक्षियों व मुर्गियों की मौत होती है तो सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजे जाएं।

बर्ड फ्लू की निगरानी व रोकथाम को देहरादून जिले में बनाई टीमें
देश के अलग-अलग हिस्सों में एवियन इंफ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) के मामले बढ़ने के बाद देहरादून में भी पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। विभाग ने निगरानी और रोकथाम के लिए जिले के सभी छह ब्लॉकों में निगरानी टीमों का गठन किया है। मुख्य पशु अधिकारी की अगुवाई में अगले कुछ दिन इसकी नियमित रूप से निगरानी की जाएगी।

विभाग की ओर चकराता के लिए गठित टीम में डा. पूर्णिमा बनोला, डा. हेमंत मेहरा, वीरेंद्र सिंह, अयोध्या प्रसाद मौर्य को शामिल किया गया है। कालसी टीम में डा. वरुण अग्रवाल, डा. अनूप नौटियाल, महेश चंद्र, योगेश सेमवाल, विकासनगर टीम में डा. एससी जोशी, डा. उमेश मौर्य, सतेंद्र नेगी, रेनू प्रभात, सहसपुर टीम में डा. हरेंद्र कुमार शर्मा, डा. विजेंद्र प्रताप, वीरेंद्र रतूड़ी, भूपाल सिंह भंडारी, डा. मनीष पटेल, डा. रजनीश स्वामी, कृष्णा मुसान, दीपिका अग्रवाल और डोईवाला टीम में डा. विशन कुमार तोमर, डा. राजेश रतूड़ी, हरी चंद्र बमोला, नंद किशोर बिष्ट शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि बर्ड फ्लू पक्षियों के जरिए फैलता है। विशेषकर मुर्गों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जाती है। उन्होंने पक्षियों को लेकर कुछ भी असामान्य दिखने पर लोगों से उन्हें सूचित करने की अपील की है।

ऋषिकेश के कुक्कुट प्रक्षेत्र पशुलोक में आम लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध
ऋषिकेश में पशुपालन विभाग ने राजकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र पशुलोक (श्यामपुर) में आम लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है। मुर्गी के चूजों को ले जाने वाले लोडरों को भी गेट पर रोककर गेट पर ही चूजे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

राजकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र पशुलोक (श्यामपुर) के डॉ. मनोज तिवारी ने बताया कि सोमवार को हिमाचल प्रदेश में 1700 पक्षियों की मौत के बाद शासन के आदेश पर पशुलोक स्थित मुर्गी फार्म में चारों तरफ चूने का छिड़काव करवा दिया गया है।

मुर्गी बाड़े और हेचरी तक बाहरी व्यक्तियों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। हेचरी से तैयार होने वाले मुर्गियों के चूजों को अलग-अलग स्थानों पर ले जाने वाले वाहनों को गेट पर रोका जा रहा है। गेट पर ही लोडर में मुर्गी के चूजे लोड करवाए जा रहे हैं। समय समय पर मुर्गी बाड़े में रखी गई मुर्गियों की भी निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने को तैयार है।

एनएच-74 पर खेत में पड़े मिले मृत मुर्गों से खलबली
एनएच-74 पर आबादी से बाहर सड़क किनारे गन्ने के खेत में मृत मुर्गे पड़े होने की सूचना से खलबली मच गई। लोगों ने बर्ड फ्लू की आशंका जताते हुए वन विभाग को जानकारी दी और रेंजर से मृत पड़े मुर्गों का पोस्टमार्टम कराकर उनकी मौत के कारणों की जांच कराने की मांग की।  बसपा के विधानसभा प्रभारी इकशाद अहमद पटौदी ने बताया कि सितारगंज से गोरीखेड़ा चौराहा होते हुए किच्छा की तरफ जाने वाले रास्ते पर हाईवे किनारे गन्ने के खेत में कुछ मृत मुर्गों को फेंका गया है।

बताया कि बर्ड फ्लू को लेकर प्रदेशभर में सरकार ने अलर्ट जारी किया है। ऐसे में इस तरह खुले में मृत मुर्गों का फेंका जाना संदेहास्पद है। कहा कि अभी कोरोनाकाल से लोग नहीं संभल सके हैं, ऐसे में बर्ड फ्लू जैसी गंभीर बीमारी ने पैर पसारे तो क्षेत्र में हालात गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने वन रेंजर जीपी डिमरी से मृत मुर्गों का पोस्टमार्टम कराकर उनकी मौत के कारणों का पता लगाने की मांग की है।

यूएस नगर के पोल्ट्री फार्मों पर रैपिड रिस्पांस टीम की रहेगी नजर
ऊधमसिंह नगर जिले के 450 पोल्ट्री फार्मों पर पशु पालन विभाग की ओर से गठित रैपिड रिस्पांस टीम की नजर रहेगी। टीम ने जिले के 35 क्षेत्रों को सीरा सैंपल के लिए चयनित किया है। टीम 50 सीरा सैंपलों को एकत्र कर भोपाल की हाई सिक्योरिटी पशु रोग प्रयोगशाला में भेजेगी।

राजस्थान और हरियाणा में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद राज्य में भी बर्ड फ्लू का अलर्ट जारी किया गया है। निदेशालय से जिला पशुपालन विभाग को गाइड लाइन जारी कर दी है। रैपिड रिस्पांस टीम बृहस्पतिवार से कुक्कुट फार्मों का निरीक्षण शुरू करेगी।

टीम वन विभाग के सहयोग से प्रवासी पक्षियों और जलाशयों का भी निरीक्षण करेगी। इसके साथ ही यदि कोई पक्षी मृत मिलेगा तो जांच के लिए उसके शव को भोपाल स्थित प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पूजा पांडे ने बताया कि बृहस्पतिवार से चिह्नित किए गए 35 क्षेत्रों में पक्षियों के सीरा सैंपल लिए जाएंगे। 50 सीरा सैंपलों को भोपाल स्थित एचएसएडीएल में भेजा जाएगा।

रुद्रपुर से पश्चिमी बंगाल और रुद्रप्रयाग भेजे जाते हैं चूजे 
बर्ड फ्लू के अलर्ट के बाद अंडे और मुर्गियों के चूजों की सप्लाई में फिलहाल कोई कमी नहीं देखी जा रही है। एडवांस फार्मिंग के स्वामी रोहित गोलदार ने बताया कि वह हर सप्ताह पांच हजार चूजे पश्चिमी बंगाल और 5,200 चूजे रुद्रप्रयाग भेज रहे हैं।

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