मन्था (गढ़वाळी कहानी)

गढ़वाळी कहानी। दिनेश ध्यानी। 23 जुलाई, 2020 मन्था। सुबेरा टैम छौं घर गौं म लोग पाणी, ग्वीलु, गुठ्यार अर कल्यौ

Read more

कब_तलक_जी_राळ ( गढ़वाली कविता)

.#कब_तलक_जी_राळ”. बिरण भोर मुण्ड रेकि कब तलक जी राळ। उजड़खु गोर खुट टेकि कब तलक़ जी राळ। कभी त आला

Read more

अहा! पकिगेनि सैदा काफळ, खट्टा- मिठ्ठा रसीला काफ़ळ

अहा! पकिगेनि सैदा काफळ खट्टा- मिठ्ठा रसीला काफ़ळ। चरचरू लूण जब मिलदा यूँमा गिच्च बिटी लाळ चुवांदा काफ़ळ। काफळै डाळी

Read more

”””’यमराज अर चित्रगुप्त संवाद'”””” (हास्य – व्यंग्य)

””””यमराज अर चित्रगुप्त संवाद”””’ (हास्य – व्यंग्य) 😎यमराज- अरे चित्रगुप्त इन बतौ अचगाळ सोशियल मीडिया मा गढ़वळि भाषा का इतगा

Read more

“खडु उठाऽ— अग्वाडि बढ़ा” युवा कवि अशोक जोशी कि स्वरोजगार पर कविता

अशोक जोशी स्नातक की पढै करदू एक ज्वान भुला। अशोक गुरुकुल कांगडी हरिद्वार मा स्नातक कु छात्र च अर भौत

Read more