उत्तराखंड पहुंची कोविशील्ड (कोरोना) वैक्सीन की 1.13 लाख डोज, सबसे ज्यादा देहरादून जिले को मिलेगी

उत्तराखंड पहुंची कोविशील्ड (कोरोना) वैक्सीन की 1.13 लाख डोज, सबसे ज्यादा देहरादून जिले को मिलेगी

देहरादून । कोरोना टीकाकरण के पहले चरण के लिए उत्तराखंड को कोविशील्ड वैक्सीन की 1.13 लाख डोज मिल गई है। केंद्र सरकार की ओर से सिरम इंस्टीट्यूट से प्रदेश को वैक्सीन की डोज देने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बाद बुधवार को विशेष विमान से वैक्सीन देहरादून पहुंचाई गई।

बुधवार दोपहर विशेष विमान वैक्सीन लेकर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचा। जहां से जिलों के लिए वैक्सीनेशन वैन से वैक्सीन पहुंचाई जा रही है। एनएचएम निदेशक डॉ. सरोज नैथानी ने वैक्सीन दून पहुंचने की पुष्टि की है।

कोरोना वायरस संक्रमण के बीच उत्तराखंड के लिए राहत भरी खबर आई है। कोरोना की रोकथाम के लिए भारत में बनी वैक्सीन कोवीशील्ड की पहली खेप उत्तराखंड पहुंच चुकी है। दून स्थित राज्य औषधि भंडार से इसे विभिन्न जनपदों में भेजा गया। प्रत्येक वैक्सीन वाहन के साथ एक-एक पुलिस स्कार्ट वाहन भी उपलब्ध कराया गया है। कोविड वैक्सीन सभी जनपदों के वैक्सीन भंडारगृह में गुरुवार को पहुंच जाएगी।

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया पुणे में बनी कोविड-19 वैक्सीन की पहली खेप मुंबई से स्पाइसजेट की फ्लाइट से बुधवार को जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंची। राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. केएस मर्तोलिया ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर यह वैक्सीन प्राप्त की। उन्होंने बताया कि प्रदेश को वैक्सीन की एक लाख 13 हजार डोज भेजी गई है। बता दें कि उत्तराखंड में भी 16 जनवरी से कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण शुरू हो जाएगा। पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाई जाएगी।

सभी जिला चिकित्सालय, मेडिकल कालेज, एम्स, सेना अस्पताल, उप जिला चिकित्सालय और प्रमुख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकारण होगा। जिसमें आशा और एएनएम को भी सम्मलित किया गया है। हरिद्वार कुंभ को देखते हुए हरिद्वार जनपद को प्राथमिकता दी जा रही है। एनएचएम निदेशक डॉ सरोज नैथानी ने बताया कि एक लाख 15 हजार डोज से दोनों खुराक देने पर 50 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों का ही टीकाकरण हो पाएगा। बाकि 50 प्रतिशत के लिये पुनः वैक्सीन की आपूर्ति होगी, पर हरिद्वार में कुंभ को देखते हुए शत प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण होगा। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों के बाद दूसरे चरण में पुलिस कर्मी, सफाई कर्मी, होमगार्ड के जवान, राजस्व कर्मी और अन्य फ्रंटलाइन वर्कर को टीके लगाए जाने हैं।

वहीं, इसके साथ प्रदेश में कोविशील्ड वैक्सीन का जिलावार वितरण का प्लान तैयार किया गया है। कोविन पोर्टल पर अपलोड डाटा के आधार पर केंद्र ने जिलावार वैक्सीन की डोज तय की है। जिसमें हेल्थ केयर वर्करों की संख्या के आधार पर देहरादून जिले को सबसे अधिक 25.67 प्रतिशत वैक्सीन की डोज मिलेगी।

एक हेल्थ वर्कर को वैक्सीन की दो डोज लगनी है। इसके हिसाब से 50 हजार हेल्थ वर्करों को वैक्सीन लगाई जाएगी। वैक्सीन की 10 प्रतिशत डोज रिजर्व में रखी जाएगी। केंद्र के दिशानिर्देश के अनुसार पहली डोज लगने के 28 दिनों के भीतर दूसरी डोज लगेगी।

कोविड वैक्सीन सबसे पहले दून और हल्द्वानी में राज्य स्तर पर बनाए गए वॉक इन कूलर में रखी गई। यहां से वैक्सीनेशन वैन से जिलों को वैक्सीन की डोज भेजी गई। वॉक इन कूलर में वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा गया है। प्रदेश में 317 कोल्ड चेन प्वाइंट चिन्हित किए गए हैं।

सबसे पहले केंद्रीय हेल्थ वर्कर, राज्य हेल्थ वर्कर, आर्म्स फोर्स मेडिकल सर्विस के कर्मचारियों को पहले चरण में टीका लगाया जाएगा। एनएचएम निदेशक डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि पहले चरण में सभी जिला चिकित्सालय, मेडिकल कालेज, एम्स, सेना चिकित्सालय, उप चिकित्सालय, प्रमुख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात हेल्थ वर्करों को वैक्सीन दी जाएगी। इसमें आशा और एएनएम भी शामिल हैं।

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