गढरत्न श्री नरेंद्र सिंह नेगी जी तैं ‘चिट्ठी’ सम्मान

गढरत्न श्री नरेंद्र सिंह नेगी जी तैं ‘चिट्ठी’ सम्मान

गढ़वाली़ साहित्य, समाज अर सृजन को दस्तावेज़ ‘चिट्ठी-पत्री’ पत्रिका द्वारा गढवाली़ बोली-भाषा का सरंक्षण व सम्वर्धन मा विशेष योगदान का वास्ता गढ़वाली़ बोली-भाषा का साहित्यकारों तैं पिछला तीन साल बिटि लगातार सम्मानित करे जाणू छ। ये क्रम मा वर्ष 2019 को ‘चिट्ठी सम्मान’ गढ़वाली़ गीत-संगीत का शिखर पुरुष गढरत्न श्री नरेन्द्र सिंह नेगी जी तैं दियेगे।ये से पैलि वरिष्ठ साहित्यकार श्री मोहनलाल नेगी जी तैं पैलो अर भाषा-विज्ञानी डॉ अचलानन्द जखमोला जी तै दुसरो ‘चिट्ठी’ सम्मान दियेगे छौ।11 नवम्बर 2019 खुणि राजकीय महाविद्यालय चौबट्टाखाल (चौंदकोट) पौडी़ गढ़वाल मा महाकवि कन्हैयालाल डंडरियाल जी की 86वीं जयंती का अवसर पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम मा श्री नेगी जी तैं ये सम्मान से सम्मानित करेगे।

बीरबाला तीलू रौतेली की जन्मभूमि चौंदकोट मा आयोजित ये सम्मान समारोह की शुरूवात गढ़वाली़ कवि व मंच संचालक श्री गणेश खुगशाल ‘गणी’ का उद्बोधन से ह्वे।वूंन नेगी जी का व्यक्तित्व अर कृतित्व पर अपणा विचार व्यक्त करदा बोलि कि जो बात बंगला साहित्य मा कविवर रवीन्द्रनाथ टैगोर का साहित्य का विषय मा ब्वले जॉंद वी बात गढ़वाली साहित्य मा श्री नरेंद्र सिंह नेगी जी विषय मा ब्वले सकेंद।श्री खुगशाल को ब्वनो छौ कि नेगी जी न् गढवाली़ बोली-भाषा तैं एक नयी अन्वार दे अर विश्व मा एक नयी पच्छयाण दिलै।येका बाद चिट्ठी कुटुम का सदस्य श्री आशीष सुन्दरियाल द्वारा चिट्ठी कुटुम की तरफ़ से श्री नरेंद्र सिंह नेगी जी को सम्मान पत्र पढ़ेगे।

‘मेरू मुलुक’ संस्था द्वारा उरयॉं ये कार्यक्रम मा श्री नरेंद्र सिंह नेगी जी का गीत सुणण, गाण अर चाण वला़ सैकड़ों लोगों की उपस्थिति मा चिट्ठी-पत्री का सम्पादक श्री मदन मोहन डुकलान द्वारा मान पत्र श्री नेगी जी तैं समर्पित करेगे। कार्यक्रम का विशिष्ट अतिथि श्री दिग्मोहन नेगी जी न् शॉल, विशिष्ट अतिथि श्री कवीन्द्र इष्टवाल जीन् सम्मान राशि अर मुख्य अतिथि श्री संजय शर्मा जी न् स्मृति चिह्न देकि श्री नेगी जी को सम्मान करे।

श्री नरेंद्र सिंह नेगी जी का ये सम्मान समारोह मा अपणा विचार प्रकट करदा श्री दिगमोहन जी न् बोलि कि यो हमारो सौभाग्य छ कि नेगी जी हमारा बीच छन। वूंका बारा मा कुछ ब्वनो याने सूरज तैं दिवा दिखाण जनो छ। मुख्य अतिथि श्री संजय शर्मा जी न् भी नरेंद्र सिंह नेगी जी का सरल व्यक्तित्व को ज़िक्र करे अर वूंतै गढ़वाली़ बोली-भाषा को एक मज़बूत आधार स्तम्भ बतै। ये मौक़ा पर विशिष्ट अतिथि श्री कवीन्द्र इष्टवाल जी को ब्वनो छौ कि गढ़वाली़ बोली-भाषा का वास्ता क्वी भी पुरस्कार दिये जावा वेमा नेगी जी को नाम सबसे ऐंच हूण चयेंद।अपणा अध्यक्षीय उद्बोधन मा श्री नरेंद्र सिंह नेगी जी न् बोलि कि मी ये सम्मान तैं सहर्ष स्वीकार करदू पर मि अफ्फु तैं ‘चिट्ठी’ परिवार को हि हिस्सा मनदू इलै सम्मान राशि चिट्ठी का संचालन का वास्ता ही वापस ‘चिट्ठी’ तैं ही देणू छौं ।चिट्ठी-पत्री का सम्पादक श्री मदन मोहन डुकलान जी न् ये अवसर बोले कि आज नेगी जी का सम्मान से स्वयं चिट्ठी परिवार को ही मान बढ़े।

सुरैं का सुन्दर बणू का बीच आयोजित भव्य कार्यक्रम मा आयोजक संस्था ‘मेरु मुलुक’ का अनेक सदस्य अर चौंदकोट का कई गणमान्य लोग उपस्थित छया। कार्यक्रम को सफल संचालन कवि/गीतकार श्री गिरीश सुन्दरियाल जी न् करे।

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