शिक्षक संदीप रावत लिखी “द्वी आखरों कु ज्ञान द्ये” गढ़वळी सरस्वती वंदना तै खूब पसंद कना छन स्कूलया

शिक्षक संदीप रावत लिखी “द्वी आखरों कु ज्ञान द्ये” गढ़वळी सरस्वती वंदना तै खूब पसंद कना छन स्कूलया

सुबेर स्कूल मा जब प्रार्थना सभा मा हिंदी या अंग्रेजी मा अलग अलग प्रार्थना ह्वे करदी। वेक बाद विषय वादन शुरु ह्वे करदन। लेकिन टिहरी जिला कीर्तिनगर ब्लाक मा रा.इ.कॉ.धद्दी घण्डियाल ,बडियारगढ़ का अध्यापक अर गढ़वाळि लिख्वार संदीप रावत कि द्वी गढ़वाळि सरस्वती वन्दना बिटी स्कूल शुरुवात ह्वे करदी। जब उकी लिखी यी अपरि दूधबोली मा सरस्वती वंदना सोशल मीडिया बिटी होर स्कूल मा भी वंदना शुरू ह्वे ग्यायी। आज उकी लिखी यी द्वी वंदना लोकप्रिय होणी छन | “तेरू ही शुभाशीष च ” अर “द्वी आखरों कु ज्ञान द्ये ” यो द्वी गढ़वाळि सरस्वती वन्दना वूंन लेखिनी अर वूं कि धुन बि अपणा आप तैयार करी |

 

रा.इ.कॉ.धद्दी घण्डियाल बडियारगढ़ कि प्रार्थना सभा का दगड़ा हौरि कतगै स्कूलों जन कि -रा.आ.इ.कॉ.अगस्त्यमुनी , रा.आ.प्रा.वि.मलेथा, भिलंगना ब्लाक मा उच्च प्रा.वि.चमियाला , रा.उच्च प्रा.वि.लस्याला गांव, रा.प्रा.वि.चौकी , रा.उच्च प्रा.वि.खनसोर (जौनपुर )का दगड़ा कतगै हौरि स्कूलों मा यो वन्दना होणी छन |
सोशियल मीडिया अर यूट्यूब पर भी शिक्षक संदीप रावत कि यों द्विया गढ़वाळि सरस्वती प्रार्थनाओं तैं भौत पसन्द कन्ना छन | यो भौत वायरल बि होणी छन |
उकी लिखी
पैलि गढ़वाली सरस्वती वन्दना –

*तेरू ही शुभाशीष च *

तेरु ही शुभाशीष च हे जो कुछ बि पायि मिन
माता सरस्वती हे माँ , माता सरस्वती हे माँ
माता भगवती हे माँ …..

गीत, शब्द, लय ,ताल ,छन्द त्वेसे ही औंदन
मिठ्ठी वाणी,मिठ्ठा बोल कण्ठ त्वेसे ही औंदन
मेरा कण्ठ -कलम मा वास हो , कण्ठ -कलम मा वास हो
माता सरस्वती हे माँ..
तेरू ही शुभाशीष च हे जो कुछ बि पायि मिन..

मि निराट अग्यानी छौ ,खोटु छौ मि भारी माँ
कुबट्ट बटि सुबाटोम् त्वेन ही मी राखी माँ
सत का बाटाें हिटदी रौंवु , सच सदानि लिखदी रौंवु
माता सरस्वती हे माँ….
तेरू ही शुभाशीष च हे जो कुछ बि पायि मिन |

दुसरी सरस्वती वन्दना बोल ये तरौं से छन-
*द्वी आखरों कु ज्ञान द्ये (गढ़वाळि सरस्वती वंदना)*

अज्ञानै अँध्यारी रात मा द्वी आखरूं कू ज्ञान द्ये
घुली जौ रस बाच मा वीणा कि इन तू तान द्ये |

बते दिवा कि संदीप रावत टिहरी जिला कीर्तिनगर ब्लाक मा रा.इ.कॉ.धद्दी घण्डियाल ,बडियारगढ़ रसायन विज्ञान प्रवक्ता छन। श्री रावत बहुमुखी प्रतिभा धनी छन। आप एक कुशल अध्यापक दगड़ी एक संगीतज्ञ, कवि, कहानीकार, भाषाविद भी छन। आप भौत पत्रिकाओं खातिर बगत बगत पर लेख लिखदन, एक दगड़ी गढ़वळी कवि सम्मेलन मा आप गीत गजल सुणदरों तै खूब पसंद ऐ करदन। आज उत्तराखंड सरकरी स्कूल मा पढ़ाण ह्वाल संदीप रावत जणी मास्टर पढाण काम दगड़ी बच्चों मा अपरि सांस्कृतिक अर बोली भाषा संवर्धन कना बाबत भी शिक्षा दीणा छन।

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