गढ़वाली, कुमाउनी, जौनसारी भाषा अकादमी का उपाध्यक्ष श्री एम एस रावत द्वारा अनौपचारिक बैठक को आयोजन

गढ़वाली, कुमाउनी, जौनसारी भाषा अकादमी का उपाध्यक्ष श्री एम एस रावत द्वारा अनौपचारिक बैठक को आयोजन।

दिनेश ध्यानी।

नै दिल्लीः विगत 16 अक्टूबर, 2020 खुणि दिल्ली सचिवालय म गढ़वाली, कुमाउनी, जौनसारी भाषा अकादमी का नव नियुक्त उपाध्यक्ष श्री एम एस रावत द्वारा साहित्यकारों, कलाकारों अर समाजा विभिन्न वर्गा लोगों दगड़ि एक अनौपचारिक बैठक को आयोजन कैरि छौ। श्री रावत जी न हाल ही म दिल्ली म गढ़वाली, कुमाउनी, जौनसारी भाषा अकादमी का उपाध्यक्ष का पदभार ग्रहण कर्यौं चा। शिक्षविद अर प्रमुख समाजसेवी श्री रावत जी से समाज तैं भौत उम्मीद छन।

बैठक की शुरूआत कर्दा संस्कृत अकादमी दिल्ली, हिन्दी गढ़वाली, कुमाउनी, जौनसारी भाषा अकादमी दिल्ली का सचिव डाॅ जीतराम भट्ट जीन बोलि कि हमरि अकादमी का उपाध्यक्ष श्री एम एस रावत जी को यो भौत बढ़िया प्रयास चा कि बैठक आयोजित कैरि। यां से हमुतैं सांस मिलद अर लोगों को सुझाव भि अमल ल्याण म आसानी होंद। ज्ञातव्य हो डाॅ जीतराम भट्ट जी को भी अकादमी तैं कार्यरूप देंण म भौत योगदान चा।

श्री रावत जी न सभी लोगों को स्वागत कैरि। सभी उपस्थित लोगोंन श्री रावत जी तैं उपाध्यक्ष बणंणा खातिर बधै देन अर उम्मेद कैरि कि अकादमी भाषा, साहित्य अर कला का क्षेत्र म भौत बढ़िया काम कारलि। उत्तराखण्ड लोक भाषा साहित्य मंच, दिल्ली का संयोजक अर साहित्यकार श्री दिनेश ध्यानी न अर श्री रमेश हितैषी न श्री रावत तैं बधाई पत्र अर अपणि गढ़वाळी की पुस्तक भेंट करींन।

यीं बैठक म जखा कै लोगोंन अकादमी तैं अपणि राय देन वखी जौनसारी भाषा का साहित्यकारों तैं बि अकादमी म जोड़णंा खातिर अकादमी का सदस्य, दिल्ली प्रदेश आम आदमी पार्टी को पर्वतीय सेल का अध्यक्ष अर समाजसेवी श्री बृजमोहन उप्रेती न यो प्रस्ताव राखि अर बोलि कि अकादमी म सभी भाषाओं अर समाजा लोगों की भागीदारी जरूरी छ। श्री उप्रेती न बोलि कि अगनै री रावत जी का नेतृत्व म अकादमी भौत बढ़िया काम करणां प्रयास कारलि।

श्री एम एस रावत जीन बोलि कि हमरि भाषाओं की पछ्याण बढलि ता हमरा समाजा भी पछ्याण बणलि। हमरि भाषा अर साहित्य हमरा समाजा आईना छन। यों का विकास का खातिर हम हर संभव प्रयास करला।
दिल्ली म अकादमी को अपणु कार्यालय का वास्ता भी पहल होणीं छन अर उम्मेद चा कि भौत जल्दी अकादमी तैं अपणु कार्यालय भी मीलि जालु। श्री रावत जी बतै कि दिल्ली का उप मुख्यमंत्री श्री मनीष सिसौदिया जी हर संभव प्रयास करणां छन कि हमरि अकादमी भौत बढ़िया काम कैर साक। औण वळा समय म कोरोना काल का हटणां बाद अकादमी दु्रतगति से काम कारलि।
अकादमी का सदस्य अर उत्तराखण्ड लोक मंचा महासचिव डाॅ पवन मैठाणी जीन अर श्री दिनेश ध्यानी व श्री रमेश हितैषी न बोलि कि अकादमी तैं कोरोना काल म बि कुछ नीतिगत पहल करण चंदन जां से अकादमी का कार्यों तैं धरातल मीलि साकलु। साहित्यकारों की कृति एक जगा संग्रहीत करे सकंेंदी अर अकादमी का माध्यम से दिल्ली हमरा समाजा डाटा भी जमा कैरि सकदां कि हमरि उक्त भाषाओं कतना साहित्यकार काम करणां छन।

विनोद नगर बिटिन निगम पार्षद श्रीमती गीता रावत जीन बोलि कि श्री मनीष सिसौदिया जी हमरि अकादमी का विकास का खातिर भौत जतन करणां छन।

आमआदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता श्रीमती पूजा बड़ोला जीन बोलि कि हम लोग अपणि भाषा, संस्कृति का विकास का खातिर प्रतिबद्ध छंवा। भौत लोग अकादमी दगड़ि जुडणं चंदन अब अकादमी तैं स्वचण पोडलु कि हम अपणां समाजा साहित्यकारों, कलाकारों अर विद्ववानों तैं कनम जोड़ि सकदां।

ये बीच वरिष्ठ रंगकर्मी श्रीमती सुशीला रावत, श्रीमती संयोगिता ध्यानी, श्रीमती रोशनी चमोली,पृथ्वी सिंह रावत, श्री नरेन्द्र पांथरी, श्री खजानदास समेत सब्बि लोगोंन अपणं विचार रखीन।

गढ़वाली, कुमाउनी, जौनसारी तिन्नी भाषाओं तैं मिलैकि एक उत्तराखण्डी भाषा बणौणा बात कुछ लोग समय-समय परैं कर्दन ता हमरू वों से निवेदन चा कि भाषा क्वी यनि चीज नी कि वों तैं मिलैये जौ। सच बात या चा कि एक भाषा को एक शब्द तैं हैंकि भाषा म जाणम या आणम दसियों साल लगि जंदन। अर हर भाषा को अपणु इतिहास, साहित्य, शब्दकोश अर ब्याकारण होंद। क्वी भी विद्वान यीं दुन्या म हो वो भी कै भाषा तैं हैंकि भाषा म समाहित नि कैरि सकदु। किलै कि यो प्रकृति का हिसाब से भी असंभव चा। यां का खातिर हमरू निवेदन चा कि यनि बातों परैं गंभीर चिंतन जरूरी चा। समय-समय परैं गोष्ठियों को माध्यम से यों परैं चर्चा होलि ता लोगों तो सच्चै अर वास्तविकता पता चाललि।

यीं बैठक म उपस्थित सभी लोगोंन बोलि कि हमतैं उम्मीद च कि अकादमी से उम्मीद चा कि औण वळा समय म भौत बढिया काम होला अर श्री रावत जी का नेतृत्व म अकादमी अगनै बढलि।

श्री एम एस रावत जी न सभी लोगों को विचारों को स्वागत कैरि अर बोलि कि हम अकादमी का माध्यम से हमरि भाषा, साहित्य, कला अर रंगमंच का वास्ता क्या-क्या भला कारिज ह्वै सकदन यां का खातिर समय-समय परैं अपणां समाजा लोगों दगड़ि चर्चा करणां रौंला।

दिल्ली म गढ़वाली, कुमाउनी, जौनसारी भाषा अकादमी का वास्ता समाज का हर संगठन, संस्थाओंन अर लोगांें न अपणु योगदान देन। जौंम उत्तरखण्ड एकता मंच सौब प्रमुख छौ। डा विनोद बछेती, श्री बृजमोहन उपे्रती, श्री अनिल पन्त, श्री दिग्मोहन नेगी, श्री संजय नौडियाल समेत, गढ़वाल हितैषिणी सभा, उत्तराखण्ड लोक -भाषा साहित्य मंच दिल्ली का द्वारा सौब से पैलि श्री मनीष सिसौदिया जी तैं ज्ञापन दिये गे छौ। अर रामलीला मैंदान की रैली यां का वास्ता भौत सुफल रै।

अन्त डाॅ जीतराम भट्ट जीन बोलि कि हमरि अकादमी का पूर्व उपाध्यक्ष अर वरिष्ठ लोक गायक, कवि स्वर्गीय हीरा सिंह राणा असमय हमसे विदा ह्वैगेन। यो हमरू समाज अर अकादमी का वास्ता भौत दुखदायी बात चा। हम सब्बि राणा जी का बतायां बाटों म हिटणां प्रयास करला।

स्वर्गीय हीरा सिंह राणा जी तैं सभी लोगोंन याद कैरि अर बैठक का अन्त म द्वी मिनटौ मौन धैरी राणा जी तैं अपणि श्रद्धाॅंजलि देन।।

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