अहा! पकिगेनि सैदा काफळ, खट्टा- मिठ्ठा रसीला काफ़ळ

अहा! पकिगेनि सैदा काफळ
खट्टा- मिठ्ठा रसीला काफ़ळ।

चरचरू लूण जब मिलदा यूँमा
गिच्च बिटी लाळ चुवांदा काफ़ळ।

काफळै डाळी फौकी म बैठी
औंद आनंद खाणम का काफ़ळ।

गूणी बांदर सळकांदा काफ़ळ
चखुला पोथळा घुळदा काफळ।।

बाट बटवे लौफ्यांदा काफ़ळ
स्कुल्या छक्वे खांदा काफ़ळ।।

आबत -असनों मा पौछादा काफळ
ज्यू भोरि- भोरि हम खांदा काफ़ळ।।

अहा! पकिगेनि सैदा काफळ
खट्टा- मिठ्ठा रसीला काफ़ळ।

साभार- चकाचुंदिरि
लिख्वार-  श्री धर्मेंद्र सिंह नेगी ( बाल साहितकार)

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *