सरकार ने ‘आत्मनिर्भर भारत 3.0’ का किया एलान, जानें सभी 12 बड़ी घोषणाएं

कोरोना महामारी और लॉकडाउन के चलते अर्थव्यवस्था पर पड़े प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने गुरुवार को ‘आत्मनिर्भर भारत 3.0’ पैकेज का एलान किया। इस राहत पैकेज के तहत केंद्र सरकार ने 2,65,080 करोड़ रुपये की 12 घोषणाएं की हैं।  आइए जानते हैं कि केंद्र सरकार द्वारा की गई 12 घोषणाएं कौन सी हैं और इसका आपको क्या फायदा मिलेगा।

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना का एलान किया। इससे ज्यादा से ज्यादा कर्मचारी ईपीएफओ से जुड़ेंगे और पीएफ का फायदा उठा पाएंगे। इससे संगठित क्षेत्र में रोजगार को बल मिलेगा। ऐसे कर्मचारी जो पहले पीएफ के लिए पंजीकृत नहीं थे और जिनकी सैलरी 15 हजार से कम है उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके लिए कंपनी का ईपीएफओ से पंजीकृत होना जरूरी है। जिन लोगों के पास अगस्त से सितंबर तक नौकरी नहीं थी लेकिन बाद में पीएफ से जुड़े हैं उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा। यह योजना 30 जून 2021 तक लागू रहेगी।

ईसीएलजीएस स्कीम की समयसीमा बढ़ाई गई
केंद्र सरकार ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) की अवधि बढ़ा दी है। अब इस योजना का लाभ 31 मार्च 2021 तक मिल सकेगा। इसके तहत 20 फीसदी कार्यशील पूंजी देने का प्रावधान है। वित्त मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के तहत ईसीएलजीस स्कीम के अंतर्गत 61 लाख लोगों को लाभ मिला है।

पीएम आवास योजना (शहरी) के लिए अतिरिक्त राशि
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार ने पीएम शहरी आवास योजना के लिए 18 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने का एलान किया है। इससे कुल 30 लाख मकानों को फायदा मिलेगा। यह राशि बजट में घोषित आठ हजार करोड़ रुपये से अतिरिक्त होगी। इससे 78 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। इस योजना से गरीबों को पक्का घर मुहैया होगा।

निर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्र को राहत 
सरकार ने बताया है कि निर्माण और बुनियादी ढांचा सेक्टर की कंपनियों को अब कॉन्ट्रैक्ट के लिए परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के तौर पर पांच से 10 प्रतिशत के स्थान पर केवल तीन प्रतिशत की रकम रखनी होगी। यह राहत 31 दिसंबर, 2021 तक जारी रहेगी।

घर खरीददारों को आयकर में मिलेगी राहत
वित्त मंत्री ने डेवलपर्स और घर खरीदने वाले लोगों को आयकर में राहत प्रदान की है। वित्त मंत्री ने दो करोड़ रुपये तक की आवासीय इकाइयों को पहली बार बेचने पर सर्कल रेट और समझौता मूल्य के बीच अंतर को दोगुना तक करने का एलान किया है। सर्कल रेट और एग्रीमेंट वैल्यू में अंतर को 10 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी करने का फैसला किया गया है।

उर्वरक पर 65 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था
सरकार ने किसानों को उर्वरक सब्सिडी देने के लिए 65 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इससे देश के 14 करोड़ किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। आने वाले फसल के सीजन में किसानों को इसका फायदा मिलेगा।

पीएम गरीब कल्याण रोजगार योजना के तहत 10 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि
पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत 10 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। इसका इस्तेमाल मनरेगा या ग्राम सड़क योजना के लिए किया जा सकेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा।

डेट फाइनेंसिंग में 6000 करोड़ रुपये का निवेश
सरकार एनआईआईएफ के डेट प्लेटफॉर्म में 6000 करोड़ रुपये इक्विटी के रूप में निवेश करेगी।

निर्यात बढ़ाने की दिशा में उठाया ये कदम
देश में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार एक्जिम बैंक को लाइन ऑफ क्रेडिट देगी। इसके तहत एक्जिम बैंक को 3000 करोड़ रुपये लाइन ऑफ क्रेडिट के रूप में दिए जाएंगे।

कोविड वैक्सीन के लिए 900 करोड़ रुपये
कोविड वैक्सीन के शोध के लिए कोविड सुरक्षा मिशन के तहत डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी को 900 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। ताकि वैक्सीन पर शोध किया जा सके। यह खर्च स्वास्थ्य मंत्रालय के अतिरिक्त होगा।

स्वास्थ्य सेक्टर और 26 अन्य सेक्टरों के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम
कोरोना वायरस महामारी के चलते दबाव में चल रहे स्वास्थ्य सेक्टर और 26 अन्य सेक्टरों के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम लॉन्च की है। वित्त मंत्री ने कहा कि कामत समिति की सिफारिश के आधार पर 26 दबावग्रस्त क्षेत्रों की पहचान की गई है। इसमें स्वास्थ्य क्षेत्र को भी शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों के लिए ईसीएलजीएस स्कीम 2.0 शुरू की जा रही है। एमएसएमई सेक्टर को भी इसका फायदा मिलेगा। इसमें मूलधन चुकाने के लिए पांच साल का समय दिया गया है। इसमें कर्जधारक कंपनियों को एक साल तक 50 करोड़ से 500 करोड़ रुपये तक का मोरेटोरियम दिया जाएगा। यह योजना 31 मार्च 2021 तक लागू रहेगी।

प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव योजना की शुरुआत
सरकार ने घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए दूरसंचार, वाहन और औषधि समेत 10 क्षेत्रों के लिए 1.46 लाख करोड़ रुपये की प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव योजना की शुरुआत की। इससे रोजगार और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। पहले इस योजना को तीन क्षेत्रों में शुरू किया गया था।

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