मुसीबत मा फंस्या प्रवासी भारतीयूं तै न्याय दिलाणा खातिर, सरकार बणाव कानूनः रोशन रतूड़ी

कब तकन विदेशी धरती मा तकलीफ मा फंस्या हमर भारतीय मुल्क प्रवासी भाईबंध तै बगत रंद मदद नी मिलण कारण आत्महत्या कन पड़ल। आखिर कब तकन क्या वू भारत देश संतान नी छन, या फिर गरीब मनखी च त वैक क्वी नी च बोली कन उ तड़पी तड़पी कन मरणा राल, या बात सोशल मीडिया बटी अपर प्रवासियूं भाईयूं बाबत ब्वाल समाजसेवी रोशन रतूड़ी न।
ऐथर उन ब्वाल कि मेरी सरकार से विनती च कि जू भी हमर भारतीय भाई बैणी विदेशी धरती मा फंसी जंदीन उं खातिर कुच्छ दूसर देश दगड़ी मिलीकन यन कानून बणये जाव कि क्वी भी हमर भारतीय भाई बैणी तकलीफ मा ना फसीं साको अर अगर फंस जाव त उं तै आसानी से निकळे जाव ताकि उ राजी खुशी अपर मुल्क अपर धरती मा ऐ जाव।


रोशन रतूड़ी यन भी ब्वाल कि हमर भारतीय भाई बैणी विदेशू मा दलाल या होर कै कारण बौत मुश्किलूं मा फंसी जै करदन। जब उं तै वख क्वी मदद नी मिलदी तब उ वख दुखी अर परेशान ह्वे कन हिम्मत हार जै करदन जैसे कारण कुच्छ लोग तंग ऐकन आत्महत्या कन पर मजबूर ह्वे जदीन। कुच्छ दिन पैल भी कुच्छ लोगून आत्म हत्या करी। यन बौत केस हमर समणी छन, यी सब्ब दिखे नी जांद अब।

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हमर हजारों भारतीय भाईबंध कै ना कारण से विदेशू मा फंसी जंदीन लेकिन उंते कै भी रूप मा जल्दी से मदद नी मिली पांदी, जै कारण उंक पूर परिवार परेशान ह्वे जांद। जब यन क्वी घटना विदेशूं मा फंस्या प्रवासी दगड़ी हूंद त तब उंक परिजन हमसे फोन पर सम्पर्क करे करदन। हम उं तै रूंद अर परेशान नी देख सकदा। लेकिन हमरी पूर कोशिश रै करदी कि हम उंक हर संभव मदद कर सको।


उन ऐथर ब्वाल कि अगर हम ज्यादा से ज्यादा विदेश मा फंस्या प्रवासी भारतीयूं मदद करू त सरकार इंसानियत खातिर अपर भारत माता क बच्चों कुणी हम तै कानूनी तौर पर येक यन पत्र दे द्याव कि कठिन से कठिन काम तै कानूनी तौर पर ह्वाव अर आसानी से काम ह्वे जाव। कुच्छ काम यन हूंदीन कि दूसर तै बचाणा खातिर सरकरी कागज जरूरत पड़दी। उम्मीद करदू कि सरकार इंसानियत खातिर हमर साथ देली। हम कोशिश करला कि तकलीफ मा फंसीकन कै तै आत्महत्या कन से रोक सको। इंसानियत जिंदा रण खातिर कै बार जान भी जोखि ममा डळण पड़द लेकिन कुच्छ भलू कना खातिर यी सब सण पड़दन।

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