उत्तराखंड में कोरोना की रफ्तार को काबू करने के लिए जांच बढ़ाएगी सरकार

देहरादून। राज्य में कोविड की रफ्तार को काबू करने के लिए सरकार सैंपल जांच बढ़ाएगी। इसके लिए सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को सैंपलिंग और आरटीपीसीआर टेस्ट बढ़ाने के लिए निर्देश दिए हैं। कोरोना लक्षण पाए जाने पर जांच के लिए सैंपल देने से मना करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।

रैपिड एंटीजन टेस्ट में नेगेटिव आने पर भी सिंप्टोमेटिक व्यक्ति की आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी। सर्दी बढ़ने के साथ ही कुंभ मेेला, योग महोत्सव को लेकर संक्रमण की रोकथाम के लिए अगले कुछ माह सरकार के सामने चुनौतीपूर्ण हैं।

शनिवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सभी जिलाधिकारियों के साथ कोविड से बचाव की समीक्षा बैठक की। वर्तमान में कोरोना मरीजों की बढ़ रहीं मौत पर सरकार चिंतित हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कोविड मरीजों की मृत्यु दर को कम करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। जिन संक्रमित मरीजों की मौत हो रही है, वे किसी अन्य बीमारी से ग्रसित हैं या इलाज के लिए देरी से अस्पताल पहुंच रहे हैं, इसका गहनता से विश्लेषण किया जाए। कोरोना मरीज को हायर सेंटर रेफर करने में देरी न की जाए।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जिलों में टेस्टिंग बढ़ाई जाए। आरटीपीसीआर टेस्ट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सैंपल लेने के बाद शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे व ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घंटे के अंदर लोगों को कोविड की रिपोर्ट दी जाए। रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ एवं देहरादून में संक्रमण दर को नियंत्रित करने के लिए और अधिक प्रयास करने होंगे।

बैठक में मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि कोरोना वैक्सीन के लिए पूरी योजना बनाई जाए। जिला टास्क व ब्लाक टास्क फोर्स की नियमित कर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, डॉक्टर और फ्रंट लाइन वर्करों का पूरा डाटा तैयार करें। संक्रमण रोकथाम के लिए ट्रू-नाट टेस्टिंग और बढ़ाने की जरूरत है।

पहले किसी बीमारी से ग्रसित या बुजुर्ग में कोरोना लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें होम आईसोलेशन के बजाए अस्पताल में भर्ती किया जाए। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि पर्यटक स्थलों व भीड़भाड़ वाले स्थानों पर कोरोना से बचाव के लिए पुलिस की ओर से जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है।

बैठक में सचिव शैलेष बगोली, एसए मुरुगेशन, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, अपर सचिव युगल किशोर पंत, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. अमिता उप्रेती, कुंभ मेलाधिकारी दीपक रावत, आईजी अभिनव कुमार, संजय गुंज्याल, डीआईजी अरुण मोहन जोशी समेत सभी जिलों के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक मौजूद थे।

हाई रिस्क कांटेक्ट के 99.89 प्रतिशत टेस्ट

सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने कहा कि प्रदेश में हाई रिस्क कांटेक्ट के 99.89 प्रतिशत टेस्ट हो चुके हैं। इसमें 80 प्रतिशत आरटीपीसीआर टेस्ट कराए जा रहे हैं। पर्यटक स्थलों पर कोरोना की सैंपलिंग की जा रही है। सभी जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी तय करें कि कोविड के अलावा अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं भी सुचारु रूप से संचालित की जाएं। सीएचसी, पीएचसी एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करने के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी

संक्रमण से बचाव को छात्र करेंगे जागरूक

कोविड संक्रमण से बचाव के लिए एनसीसी और एनएसएस छात्र लोगों को जागरूक करेंगे। इसके लिए एनसीसी व एनएसएस छात्रों के माध्यम से बिना मास्क के सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वालों को मास्क वितरित कर जागरूक किया जाएगा।

बिना मास्क दिए चालान करने वालों पर होगी कार्रवाई

मास्क न लगाने पर जिन लोगों के चालान किए जा रहे हैं, उनको मास्क जरूर उपलब्ध हो। हमारा उद्देश्य कोविड से लोगों को बचाना है, न कि चालान कर राजस्व वसूलना। बिना मास्क दिए चालान करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अब तब 13 लाख सैंपल की जांच

प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला आने से अब तक 13 लाख से अधिक सैंपल की जांच की गई है। इसमें 73 हजार से अधिक लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। 1200 से अधिक कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है। वर्तमान में कोविड सैंपल की जांच के लिए 10 सरकारी व निजी लैब हैं। 18 हजार से अधिक सैंपल की जांच लंबित हैं।

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