इंटर कॉलेज किमसार छत मा प्लास्टिक डाळी कन चलाणा काम, विद्यार्थियो फीस बिटी निकलणु मास्टरू तनख्वा

साल 1960 मा यमकेश्वर प्रखंड डांडामण्डल क्षेत्र लोगू न अपर यख शिक्षा अलख जगाणा खातिर श्रमदान से स्कूल बणाण शुरू करी , अर 1964 मा बणी कन तैयार करी अर पैल कक्षा संचालन कन शुरू करी। पैल प्रधानाचार्य धारकोट गाँव सुरेन्द्र दत्त मारवाड़ी अर पैल प्रबंधक दर्शनलाल कंडवाल किमसार छ्यायी। 1976 मा इंटर दर्जा मिली। ये स्कूल मा ताल घाटी से लेकन तल्ला बनास, से अमोला, देवराना गाँव नौन्याल पढ़ना खातिर ऐ करदन। ये स्कूल बिटी भौत प्रतिभा निकली कन अलग अलग क्षेत्र मा अपरि सेवा दीणा छन, हर साल यख बिटी 5- 7 नौंन भारतीय सेना मा भर्ती ह्वे करदन।

प्रबंधक स्कूल हूँण खातिर ये विद्यालय मा पैल हर सुविधा जुटये गीन। लेकिन 2010 बिटी कन यख प्रबंधन कमेटी नी छ। अजो लक्ष्मणझूला प्राचार्य येक व्यवस्थापक छन। पैल सब्बि शिक्षक सेवानिवृत्त ह्वे गीन, नै भर्ती नि हूँण से यख मास्टर पीटीए खर्च पर पढ़ाना छन । इंटर कॉलेज मा केवल चार अध्यापक ही यख स्थायी छन। बाकी सब मासिक मानदेय जै खर्च स्वयं विद्यार्थी उठाणा छन। कक्षा 6 से लेकन 8 तकक विद्यार्थियू से शुल्क अतिरिक्त 100 रुपया प्रति विद्यार्थी प्रति माह 9 अर 10 कक्षा बिटी 160 रुपया अर 11वी 12 मा कला संकाय 200 अर विज्ञान संकाय विद्यार्थियू बिटी 300 रुपया प्रति विद्यार्थी प्रति माह शुल्क हिसाब से एक मैना मा 40 हजार रुपये वेतन विद्यार्थियू बिटी शुल्क लेकन मास्टरू तै दियाणा च। या व्यवस्था पिछल 20 साल बिटी इनि चलनी च। आज 197 विद्यार्थि यख पढ़ना छन।

विद्यालय भवन जख क्लास छन वख सब्बि छत टपकणा छन। 2004 – 05 मा अर 2006 -07 मा विद्यालय भवन मा छत पड़ी ,लेकिन मात्र 13 से 16 साल मा ही भवन छत जर्जर ह्वे गीन अर सब पाणी क्लास मा आणा, बरसात मा प्लास्टिक बरसती डाली कन व्यवस्था बणयी च। क्लास मा जगह जगह पाणी भरयूँ च। दिवार भिचकी छन, विद्यार्थी अर मास्टर जान जोखिम डालीकन पढणा अर पढाणा छन। स्कूल मा ना भवन मरमत कुणी बजट च अर ना ही नै शिक्षक भर्ती हूंणा।

तमाम संसाधन अभाव बाद भी पूर यमकेश्वर प्रखंड मा सबसे बढ़िया रिजल्ट दीण ह्वाल स्कूल आज भौत जर्जर अवस्था मा छ। भवन दीवार झुकी छन छत पाणी दीवार मा आण से पूर सीलन से भरी छन, कभी भी कुछ भी अनहोनी ह्वे सकदू। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियूँ भी ये तरफ क्वी ध्यान नि च। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जणी नारा ये स्कूल तै चिढ़ाणा च कि जै स्कूल भवन ही जर्जर छ वख बेटी भविष्य क्या सुरक्षित ह्वे सकदू छ। विद्यालय मा ना कंप्यूटर छन अर ना पुस्तकालय मा क्वी नै किताब। उ त मास्टर यख मेहनत करी कन पढ़ाणा छन तब जैकन स्कूल रिजल्ट बढ़िया आणा च। निथर अभिभावक त बस साल गिणना छन कि कब उक नौन्याल 12 पास करो, किले की येक प्रबंधकीय स्कूल जैक शुल्क 300 रुपया छ उक सामर्थ्य से भैर च ,पर सिसकरी भरी कन अपर नौंन तै पढ़ाणा छन। क्षेत्रीय रैवासी सोहन सिंह नेगी न बते कि जै दिन हाइस्कूल कांडाखाल अर अमोला इंटर कॉलेज मा उच्चीकृत ह्वे जाल वे दिन या 60 साल पूरणी स्कूल बंद ह्वे जाली, अर वे दिन ही या क्षेत्र अर शिक्षा विभाग कुणी ये से बड़ी शरम क्वी बात नि ह्वे सकदू।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *