स्कूल्यों तै क्वादू झंगरू खलाण , पर बात यो छ ककन लाण, इन बात किलै बुना, जाणो यीं पूर खबर मा

क्वादू झंगरू खौला, उत्तराखण्ड बणौला, उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन दौरान नौन्याळ से लेकन ज्वान अर दान सयणूं गिच्च पर यू आम नारा छ्यायी। लेकिन राज्य बणन बाद 18 साल बाद प्रदेश मा शासन बटी प्रदेश क आंगनबाड़ी क्रेन्द्र मा दिये जाण ह्वाळ टेक होम राशन की सूची मा संशोधन करी कन क्वादू अर झंगरू दगड़ी गथ अर काळू भट्ट जणी घर्या दाळ तै जरूरी करी द्यायी। यी आदेश अब योजना क संचालन मा गळ फांस बणी गेन। तमाम कोशिशू बाद बिण्डी मात्रा मा यूं उत्पादू इंतजाम नी ह्वे पाणा। कुपोषण तै दूर कना बाबत आंगनबाड़ी केन्द्रू मा नौन, गर्भवती अर धात्रा जनानियूं अर अति कुपोषित नौनू तै राशन दीण काम शुरू कर करे ग्यायी।

शुरूवाती बगत मा टेक होम राशन मा कोदा झंगरू जणी उत्पाद नी छ्यायी, लेकिन अब शासन न क्वादू झंगरू दगड़ी गथ अर काळू भट्ट जणी घर्या दाळ भी टेक होम राशन तै जरूरी करयाल। पिछल दिनू मा शासन तरफ बटी ये बाबत आदेश भी जारी करी येन। तब बिटी महिला अर बाल विकास परियोजना मा हड़कंप हूयूं। मुश्किल या च कि क्वादू झंगरू अर होर उत्पादू की व्यवस्था कखन अर कन मा करे जाव। बते दिवां कि पौड़ी जिला मा पलायन की मार सीध असर खेती पर ह्वायी जै कारण बौत पुगंड़ बांझ ह्वे गेन। गॉव मा छ्वटू काश्तकारू न जंगळी जानवरू आतंक कारण खेती छोड़याल। जब पुगंड़यू पर क्वादू झंगरू बुत्याणा नी छ त यूंन हूण कन मा च। अब पहाड़ी उत्पादू खेती नी हूण से यी मिलण मुश्किल हुयां छन। यन मा बौत बिण्डी मात्रा मा यूं उत्पादू व्यवस्था कन परियोजना से जुड़ी समितियूं समणी यी चुनौती बणी ग्यायी।

ह्यूंद्या नाज बटयाणा छन रूड़ियू दिनू मा

सरकरी सिस्टम क सोच त द्याखो जू नाज पहाड़ी मुल्क मा ह्यूंदू दिन मा पकै खये जंदीन, सरकारी अधिकारी आंगनबाड़ी केन्द्र मा उं तै रूड़ी बगत मा बंटणा छन। यी भी बताण जरूरी चकि क्वादू झंगरू, गहथ अर काळ भट्ट यीन नाज अर दाळ छन जौं कि तासीर गरम हूंद, जौं तै खैकन ह्यूंदू बगत शरील पर गरमैस आंद। इन मा यूं तै रूड़या बगत खलै कन स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ल।

यी राशन बंटे जाल
सात मैना से लेकन तीन साल नौन्याळू कुणी चून, झंगरू, सोयाबीन, काळ भट, गथू दाळ, भुज्यां भट, चणा, सोयाबीन, गुड़ मरसू लड्डू किशमिश अखरोट अर लूण। गर्भवती अर धात्री जनानियू कुणी भी चून, मुंगरी आटू सोयाबीन, काळ भट, गथू दाळ, भुज्यां भट, चणा, सोयाबीन, गुड़ मरसू लड्डू किशमिश अखरोट अर लूण। वखी अति कुपोषित नौन्याळू कुणी झंगरू, काळ भट्ट, भुज्यां भट, सोयाबीन, गुड़ मरसू लड्डू बादाम, अखरोट अर मूंगफली।

जिला कार्यक्रम अधिकारी एसके त्रिपाठी न बतै कि उच्चाधिकारियूं तरफ बटी जारी निर्देशूं क अनुपालन कना कुणी तमाम उत्पादू की व्यवस्था समूह माध्यम से करयाणा च। जारी दिशा निर्देश क अनुरूप् ही टेक होम राशन तै बंटे जाल।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *