ये दिन पर ह्वेली गढ- कुमाऊं अधिष्ठात्री देवी कांलिका जात्रा

गढवाळ अर कुमाऊं दुसांन पर विराजमान मॉ भगवती काली तै समर्पित सिद्धपीछ कालिंका थौळ (धाम) ये मुल्क हजारौं गौं अर लाखौं श्ऱद्धाळू आस्था, विश्वास रूप में पूजे जाणी ह्वाळ यी सि़द्ध पीठ पौराणिक बगत बिटी गढवाळ अर अल्मोड़ा जनमानस आस्था, भक्ति भाव अर विश्वास जगहा रायी। लाखों लोगू मनौती पूर कन कन ह्वाळ यू देवस्थान बडियारी वंशज कुलदेवी कालिंका रूप मा मने अर पूजे जांद, जै मा उत्तराखण्ड द्वी बड़ जिला पौड़ी अर अल्मोड़ा बौत मुल्क ये इलकू मा ऐ करदू।

आस्था अर कुदरत छठा बिखरेदू या थौळ

स्वर्ग जणी बौत सुंदर अर रमणीक छ या जगह। पुरण जमन बिटी चली कन आण ह्वाळ रीति रिवाज, परंपरा मुताबिक बडियारी वंश लोग हर तीन साल मा भगवती कांलिका जात्रा अर पूजा उरये करदन। यीं परंपरा तै ऐथर बढाण खातिर यीं बार भी 14 दिसम्बर खुणि पूजा खातिर दिन वार तय हूयूं। महाकाली मंदिर ट्रस्ट पदाधिकारियूं न बतै कि हजारौं भक्तौ कि अभिलाषा तै ध्यान मा रखी कन 02 दिसम्बर दिन मॉ भगवती दिव्य स्वरूप न्याजा ( निशाण ) कुल पुरोहित (ममगाईयों ) बिटी विधिवत पूजा करवे कन अनावरण करे जाल। येक बाद मॉ भगवती न्याजा तै पूर क्षेत्र मा घूमे कन अपर भक्तजनौं तै आशीर्वाद रूप मा दरसन द्याल, न्याजा तै भगवती दिव्य स्वरूप मने जांद। पौराणिक बगत बिटी चली कन आण ह्वाळी परंपरा हिसाब से लोग न्याजा तै साक्षात भगवती कांलिका रूप ही मणे करदन, जू कि साक्षात देवी रूप मा गौं गौं जैकन अपरी दीषा, ध्याणियूंअ र उंक कुटुमदरी अर भक्तजनौ राजी खुशी आशीर्वाद देकर दी। 11 दिन जात्रा बाद 13 दिसम्बर खुणी मॉ भगवती अपर भीतर अस्थाण मा जाली अर ये जगह मा तब पूर रात पूजा पाठ अर मण्डाण कार्यक्रम चलल।

अगल सुबेर सूरज पैल घाम दगड़ी ही मॉ भगवती अपर मुख्य जगह थौळ मा जाणा खातिर पैटली। यख बौत बड़ी संख्या मा अयां श्रद्धालू मॉ दरसन खातिर लंबी पंगत मा खड़ू इंतजार करदन।  दरसन खातिर आण ह्वाळ भक्तजन गढवाळ कुमाऊं अलावा रामनगर, काशीपुर, नैनीताल, कुटद्वर, हरद्वार, द्यारदूण अर प्रवासी लोग दिल्ली, चण्डीगढ, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान अर बम्बै बिटी ऐ करदन, अपर श्रद्धा हिसाब से भेंट मॉ भगवती चरणौ मा चढै कन जंदीन, अर मनौती मॉगी भी जंदीन। तीन साल बाद मनौती पूर हूण बाद फिर मॉ भगवती चरणौं मा हाजिरी लगाणा खांब लगै कन जदींन।

सरा दिन भर हूण ह्वाळ धार्मिक अनुष्ठान अर मुख्य पुजरियूं अलावा पुरोहितौं (ममगाईयों) बिटी विधि विधान से मॉ भगवती करवे जांद। महाकाली मंदिर ट्रस्ट पदाधिकारियौं मा नरेन्द्र बडियारी, विक्रम सिंह अजीत सिंह, भरत सिंह, दीप बडियारी, आनन्द सिंह, उत्तम सिंह, राजे सिंह,सुंरेन्द्र सिंह, जमन सिंह, आनन्द सिंह अर सुरेन्द्र सिंह बतै कि पुरखौं बिटी चली कन आण ह्वाळी प्रथा हिसाब से पैल यख बलि प्रथा छेयी, लेकिन अब बगत हिसाब से पूर बंद ह्वे ग्यायी । हम भक्त लोगू भावनौं आदर करदौं लेकिन पिछल काफी साल बिटी यख बलि प्रथा पूर बंद ह्वे ग्यायी। ये कारण महाकाली मंदिर ट्रस्ट अर महाकाली मंदिर निर्माण समिति पूर बंद हुंयी बकलि प्रथा कै भी प्रकार से समर्थन नी करदी। महाकाली मंदिर निर्माण समिति पदाधिकारी, दीवान सिंह, बालम सिंह, बंसत सिंह रजींत सिंह, सुरेन्द्र सिंह राम सिंह यी सब्बी पदाधिकारियौं बुलण छ कि जन भावनौं तै अर जन सुविधौं तै ध्यान मा रखी कन हम लोगू न पूर व्यवस्था कना कोशिश करीं। लेकिन आम जनमानस तै भी ये धार्मिक आयोजन तै सुफल बणौणा खातिर मंदिर निर्माण समिति पूर सहयोग कन जरूरी छ तब्बी जैकन यी काम सुफल ह्वे सकदू। ये खातिर सब्बी भक्तगणौं से विनती छ कि तुम लोग भी अपरी जिम्मेदरी तै निभावा अर ये धार्मिक अनुष्ठान तै ध्यान मा रखीकन गढवाळ अर कुमाऊ प्रशासन अर सरकार खुणी भी रैबार छ कि जन भावनौं तै ध्यान मा धरी कन 14 दिसम्बर खुणी उरयाण ह्वाळ ये कौथिग मा यख एंबूलेसं अर मेडिकल सुविधा व्यवस्था करे जाव।

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