जंगलात मुखिया हरक दा अर जनता की आश पर लगी जंगलात नियमू लगी दाग, चिलरखाल-लालढांग सड़क पर फिर लगी अड़गा

कोटद्वार। गढ़वाल-कुमांऊ तै राज्य की दुसांद भीतर बिटी जुड़न ह्वाल उम्मीदों की सड़क लालढांग-चिलरखाल मोटर मार्ग बणन मा एक बार फिर अड़ंगा लगी ग्यायी । जंगलात भूमि हस्तांतरण बावजूद वन विभाग ये क्षेत्र तै राजाजी टाइगर रिजर्व बफर जोन बते कन सड़क बणन काम रुकवे द्याय। सड़क निर्माण कुणी वन विभाग तरफ बिटी राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की अनापत्ति तै जरूरी बते कन अद्धा बणी सड़क काम रुकवे द्याय , जैसे यी सड़क काम एक बार फिर अधर मा लटक ग्यायी।

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कुमाऊं-गढ़वाल तै सड़क से जुड़न नजर से महत्वपूर्ण कंडी रोड राज्य बणन बाद बिटी छुयूँ मा रायी। या सड़क कब बणली, यी बाबत न त लोगू तै पता च अर ना ही सरकार तै। हरिद्वार-लालढांग-कोटद्वार-पाखरो-कालागढ़-रामनगर तै जुड़न ह्वाली या सड़क पिछल चार विधानसभा चुनाव मा महत्वपूर्ण मुद्दा रायी। साल 2017 विधानसभा चुनाव मा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ये सड़क बणवांण मार्ग की घोषणा करी। भाजपा सरकार सत्ता मा आण बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत यी सड़क निर्माण तै अपरी प्राथमिकताओं मा शामिल करी। वन एवं पर्यावरण मंत्री हरक सिंह रावत न ये तै अपर ड्रीम प्रोजेक्ट मानी कन काम शुरू करी। सड़क मा हर बार लगण ह्वाल अड़ंगों तै देखिकन 11 किमी सड़क द्वी तरफ बिटी तीन-तीन किमी हिस्सा की वन भूमि हस्तांतरण लोनिवी कुणी करवये ग्यायी । बीच पांच किमी ज्यादातर हिस्सा गदन हूंण कारण ये मा चार पुल भी स्वीकृत करेन। लालढांग बिटी चिलरखाल कुणी तीन किमी सड़क डामरीकृत कर दी ये ग्यायी अर चिलरखाल बिटी लालढांग तरफ तीन किमी तै पक्का कन कुणी काम चलणु छ्यायी कि वन विभाग अधिकारियूँ न अपर ही मंत्री तै तेवर दिखाण शुरू कर देन। सिगड्डी स्रोत पर पुळ अर सड़क अद्धा काम ही बच्यू छ्यायी कि अब एनटीसीए की अनापत्ति हासिल नी हूंण की बात समणि लये ग्यायी । ये मा कंडी रोड अंतर्गत लालढांग-चिलरखाल जंगलात सड़क पर हूंण निर्माण एक बार फिर बंद ह्वे ग्यायी। एनटीसीए तरफ बिटी जारी एक गाइडलाइन बाद शासन न जंगलात बीच सड़क मा बणन ह्वाल पुळ काम पर रोक लगे द्याय । बतायाणा च कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) न भी शासन बिटी ये मामला मा पूरी रिपोर्ट तलब करी।

वन विभाग अर शासन तरफ़ बिटी जारी निर्देश आधार पर सड़क बणन काम निर्माण रोक दिए ग्यायी।
-निर्भय सिंह, अधिशासी अभियंता लोनिवि दुगड्डा।

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