नीलकंठ अर विन्ध्यवासनी मंदिर श्राईन बोर्ड से भैर, अजो अखाड़ों चलल राज

उत्तराखण्ड सरकार कैबिनेट बैठक मा वैष्णो देवी अर तिरूपति बालाजी मंदिर जणी चारधाम श्राईन बोर्ड गठन प्रस्ताव तै मंजूरी मिली ग्यायी। श्राइन बोर्ड बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, अर यमुनोत्री धाम अलावा पौराणिक अर धार्मिक महत्व 51 मंदिरौं व्यवस्था अर प्रबन्धं द्याखल।
लेकिन यमकेश्वर प्रखण्ड मा नीलकंठ मंदिर तै श्राइन बोर्ड मा शामिल नी करे ग्यायी। नीलकंठ मंदिर मा श्राईन बोर्ड मॉग क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि अर जनता कनी लेकिन सरकार अखाड़ा परिषद बिटी ये मंदिर तै नी ले सकणा। नीलकंठ मंदिर मा सौण मैना लाखों श्रद्धालू यख ऐ करदन। नीलकंठ मंदिर बिटी करोड़ो आमदनी फैदा अखाड़ा तै मिलदी, लेकिन नीलकंठ मा मूलभूत सुविधा अजों तकन कुछ नी छन। नीलकंठ मंदिर तै श्राइन बोर्ड मा शामिल नी कन से क्षेत्रीय लोगू मा नाराजगी छ। सब्यूं तै उम्मीद छेयी कि सरकार नीलकंठ मंदिर तै भी श्राइन बोर्ड मा शामिल करली, लेकिन सरकार मंदिर तै भैर रखी कन क्षेत्रीय जनता मा नाराजगी साफ दिख्याण मा आणा। सोशल मीडिया मा खूब चर्चा हूणी। हरिद्वार मा मनसा देवी मंदिर अर चण्डी मंदिर तै श्राइन बोर्ड मा नी लीण फैसला भी कुछ हजम नी ह्वायी। यमकेश्वर मा हरिद्वार अर ऋषिकेश नजीक राजाजी नेशनल पार्क मा पौराणिक विन्ध्यवासनी मंदिर चढावा भी लाखों मा ह्वे करदू जै फैदा अखाड़ा परिषद तै मिलद। भले विन्ध्यवासनी मंदिर अभी राज्य सरकार नजर से दूर छ लेकिन पर्यटक हमेशा वख आणा जाणा रंदीन। यूं मंदिर मा भी श्राइन बोर्ड गठित करी कन यख चढावा तै मंदिर अर क्षेत्र विकास मा लगये सक्यांद।

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