उत्तराखण्ड ये दिव्यांग खिलाड़ी न वर्ल्ड चैंपियनशिप मा देश तै दिलायी गोल्ड, लेकिन आवाभगत कना खातिर ना क्वी जनप्रतिनिधि ना क्वी अधिकारी आयी

उत्तराखण्ड खेल विभाग ह्वाळ तै वर्ल्ड चैपिंयनशिप जीतण ह्वाळ दिव्यांग खिलाड़ी तै शाबाशी दीण तकन बगत नी छ। स्विटजरलैंड से वर्ल्ड पैरालंपिक चैंपियनशिप मा गोला फेंक प्रतियोगिता मा गोल्ड जीतीकन आण ह्वाळ सागर जब देहरादून मा पौंछी त वैक रिश्ेतदार अर दगड़यों न वैक आवाभगत करी।

लेकिन खैरी यीं बात क छ कि वैक हौंसला बढाण खातिर न क्वी अधिकारी अर न क्वी जनप्रतिनिधि। ये उपेक्षा मायूसी सागर मुखड़ी पर साफ झलकणा छ्यायी। ये बाबत बागेश्वर रैवासी सागर थायत न ब्वाल कि पैल भी वै तै विभाग तरफ बिटी क्वी मदद नी मिली। लेकिन ये से ज्यादा दुख तब हूंद जब तुम देश खातिर वर्ल्ड चैंपियनशिप मा गोल्ड जीतीकन अयूं च अर तुम तै क्वी शाबाशी तन न द्याव। सागर न बतै कि 2012 मा उंक एक टंगड़ू खराब ह्वे गे छ्यायी। येक बाद उंते महाराणा प्रताप स्पोर्टस कॉलेज छुड़न पड़ी। लेकिन, येक बाद वैकी अग्नि परीक्षा शुरू ह्वायी। विभाग तरफ बिटी पैरालंपिक (दिव्यांग खिलाड़ी) खातिर एक भी ट्रेनिंग कैंप नी लगये ग्यायी। उक पिता खेतीबाड़ी काम करदन, ये वजह से उ कब्बी ट्रेनिंग भी नी ले साकी। अपर मेहनत से उन यू मुकाम अफीक पायी।

जब सागर गोल्ड जीती कन आयी तब परिजन अर दगड़यों न सागर आईसइीटी पर जोरदार स्वागत करी। यख बिटी सागर बंजारावाला स्थित अपर किराय मकान मा पौछीन, जख दगड़यों न केक काटी कन खुशी मनायी। येक बाद सागर ए थ्री स्पोर्टस क्लब पौछीन अर अपर दोस्त मिली। ये दौरान सागर भाई सौरभ थायत, सचिन सैनी डिगर नेगी, अमन सेमवाल, अमन चौहान नवीन नेगी यी सब्ब मौजूद छ्यायी।

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