हमरी रिखणीखाळ यात्रा क्या देखी क्या पायी, एक झळांग

 मी अपणू दगड़या अमित अमोली जी जू एक जण्या मण्या पत्रकार छन उ दगड़ी रिखणीखाळ महोत्सव दगड़या देवेश आदमी न्यूंत्या पर ग्यवां। या यात्रा हमरी जीवनू कु एक नै अनुभव छ्या। यी यात्रा मा हमन पहाड़ डाण्डी कांठी गाड गदीन, मंदिर, गौं , धार, खाळ, सब्बी धाणी दिखणा कुणी मिलीन। हमर दगड़या देवेश आदमी जब बतै कि हम तीन दिन रिखणीखाळ महोत्सव उरयाणा छवां तुमुन भी जरूर आण त हमुन भी स्वाची कि चलो ये बाना से अपणू पहाड़ देखी ऐ जौला। जाण दिनवार ह्वायी अर मी अर अमोळी जी 15 मई सुबेर देहरादूण बिटी बाट लगी ग्यवां रिखणीखाळ कुणी बाट। कोटद्वार पौंछा त हमन स्वाची की चला भै यख अयां छवां त सि़द्धबली दरशन करी अगड़ी बाट हिरला।

            असल यात्रा पहाड़ कोटद्वार सि़द्वबली पार जैकन शुरू हुंदी, पैल बार जाणा छ्या त मन पौछण उकताट हुयु छ्या। दुगड्डा तकन त म्यार पैल कत्ती बार दिख्यूं छ्यायी पर वैसे अगड़ी मेकुणी अपछाण जगहा छे। अमोली जी कुणी त ये बाट पर जाण पैल बार छ्या त उंक मन पहाड़ दिखणा खातिर ज्वा उकताट छ्या वै देखी मीतै इन लगणू रै कि जन बुलयांद की नौली ब्यौंली अपणू मैत जाणा ह्वेली। कोटद्वार सिद्वबली जू दुगड्डा बिटी गदनू आंदू वै किनर किनर हम गाड़ी मा बैठी जाणा रवां। अहा डाळी बूटियूं सर सर हवा अर गदन पाणी गगदाट अर डाळियूं मा मलयूडी मीठी आवाज सुणी बणू मा ही रमण लगी ग्या। दुगड़डा दुसांद पौछी हम नैनीडांडा ह्वाळ सड़क बिटी अगड़ी बढा।

          रस्ता हमुन वा जगह दिखणू भी मिली जखम चन्द्रशेखर आजाद जी न भवानी सिंह तै डाळ पर गोळी चलाण सिखलै छ्यायी। आज उ डाळ टुटी वैक हड़क मुड़क एक जगहा मा कठ्ठी करयां छन। वैक बाद हम बाट हिरद हिरद ढौटियाळ गौ, फिर, वैक बाद रथुआढाब गदन किनर किनर पौछंद घण बणूं बीच अगड़ी बढा। एैथर जैक बंजा देवी दरशन करीन। चलद चलद एक जगहा घाडियूंपुळ मा हम तै देहरादूण बिटी रिखणीखाळ महोत्सव दिखणा कुण जाण ह्वाळ लोग मिलीन जै मा कि हमर जाण पछाण क धाद संस्था संस्थापक वरिष्ठ कवि श्री लोकेश नवानी जी अर राम सिंह बिष्ट समाज सेवी विजय जुयाल जी, वरिष्ठ जन श्री आनन्द सिंह रावत जी भी मिली गेन। वेख बाद हम अगड़ी पौछी क कुटणी सैण गौ जू हमर दगड़या देवेश आदमी गौं छ वख पौंछो पर हम तै नी मालूम छ्या कि यू हमरू दगड़या देवेश गौं छ। जब हम रात स्याण कुणी दुबर वापस अवां त तब पता चली की यूं देवेश भाई गौं छ। कुटणीसैण बिटी रिखणीखाळ 18 किमी दूर होर छ्या वैख बाद रिखणी खाळ कत्ती गौं गुठयार दिखणा कुणी मिलीन। गौं मा रूड़ी दिन हूण कारण उथगा हरभरू त नी छ्या पर मवस अर गौं आबाद थुड़ा बौत दिखयाणा छैं छ्या। जचद पुछद हम रिखणीखाळ इण्टरकाॅलेज मा पौछी ग्यवंा जख रिखणीखाळ महोत्सव उरयाणा छ्या पौंछी ग्यवां। वख जैक हम तै देवेश आदमी जी मिली गेन द्वी घड़ी छुयीं बत्थ ह्वेन फिर थुड़ा बौत जु कार्यक्रम छ्या उ दिखीन।

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                 ये कार्यक्रम उरयाणा ह्वाळ अपणू दगड़या देवेश आदमी ही छ्या। देवेश आदमी तै देखी यन लगणू छ्या कि जन बुलयांद ब्यौंली बुब्बा ह्वाळ। कब्बी इना अटकणा त कब्बी उनै बस दौड़ा दौड़ी हुयीं छ्या। वैक बाद हमर दुसर दगड़या उत्तराखण्ड जण्या मण्या हास्य कलाकार चुगलेर हंसरौळया, किसन बगोट दगड़ी ह्वायी। किशन बगोट न भी रिखणीखाळ महोत्सव उरयाण मा बौत बड़ू काम करी। रिखणीखाळ महोत्सव मा रिखणीखाळ रैवास्यूं दगड़ी ह्वायी अर उन अतिथि देव भव बात तै हर जगह मा निभायी। वैक बाद हम ब्याखन दौं देेवेश आदमी दगड़ी उंक गौं मा व्यवस्था करण बाद बाट लगी ग्यवां। एक जगहा मा बैठी हमन काफळ खैन। काफळ मा लूण रळयू छ्या अर अहा जू इथगा बुलयाणा छ्या कि पूर थाळी खै जवां पर लोक लाह डऽर द्वी मुठ्ठी खैन अर अगड़ी बढी ग्यवां। रात 10 बजे हम देवेश आदमी गौं कोटणी सैण पौछों। घऽर मा पौछी जाण पछाण सेवा सौळीं ह्वे। वैक बाद घऽर मा बणी लौकी भुज्जी अर रवट्ी अलग ही स्वाद छ्या। जणी कथगा रव्टी त हम तीन लोग खै ग्यवां। वैक बाद हम जख से छवां अहा गौं वातावरण मा कब्ब नींद आयी पता नी चली। सुबेर सरग गगणाणा रै तब नींद खुली ग्या। देवेश भाई द्वी कप्प चाय लेकन सिरण मा खड़ हुयां छ्या। भैर ऐकन द्याख त अहा ठण्डी ठण्डी हव्वा अर बरखा झुमराट अर बगल छानी मा चिनक अर बाछी रमणाट सुणी अर गौं माट खुशबु वखखी रैवासी बणै रै ग्या। असीन, आम, बयड़ गुल्लर, सब्ब डाळी बूटी देखीक मन मा उलार आणू छ्या। वैक बाद सुबेर कलेयू रवट्ी खायी अर बाट लगी ग्यवां रिखणी खाळ महोत्सव दिखणा कुण।

                   रिखणीखाळ पौछंी कन वक कार्यक्रम तैयरी हूण से पैल देवेश आदमी दगड़ी एक वीडियो बणायी रिखणीखाळ महोत्सव बाबत। वैक बाद मुख्य अतिथि मोहन सिंह गाॅववासी अर विशिष्ट अतिथि कर्नल अजय कोठियाल, धाद संस्था संस्थापक श्री लोकेश नवानी जी, हास्य कलाकार भगवान चंद अर सुमन गौड, कोटद्वार बिटी अयीं योग टीम मुखिया शोभा रावत जी, श्याम सिंह गुसाई जी, संतोष ध्यानी जी,तरूण पोखरियाल जी दगड़ी मुलाकात अर छ्वी बत्थ ह्वेन। वैक बाद गौं जननयूं थड़या अर चैफला दिखीन स्कूल्या नौनू नंदा राज जात्रा, कवि सम्मेलन इनी कथगा कार्यक्रम दिखणा कुणी मीलिन।

           रिखणीखाळ महोत्सव मा हमन जू अनुभव करी वख जैक द्याख कि वख सड़क सुविधा बौत बढिया छे, हर गौं मा सड़क पौछीं। पाणी समस्या गौं मा छैंछ। यू समस्या तै दूर करणा खातिर ही यू रिखणीखाळ महोत्सव उरये ग्या एक जुट एक मुठ करये ग्या। रिखणीखाळ जणी दूरस्थ क्षेत्र मा सड़क जू जीवन कू आधार छ वा सबसे बढिया दिखणा कुणी मिली। कुच्छ गौं अजों छैंछन जू अब्बी सड़क बाट जुगळणा छन। रिखणीखाळ जनता अपणी जलमभूमि खातिर चंट चितवळ दिख्यायी। कार्यक्रम बाबत कुच्छ लोगू मा शिकैत दिखणा कुणी भी मिली पर पैल महोत्सव काफी भलू रायी, कमी बेसी त सब्बी कार्यक्रम रै जांद।

           हमर यमकेश्वर क्षेत्र कोटद्वार हरद्वार ऋषिकेश, अर राजधाणी देहरादून से नजीक हूण बाद भी अजों तकन विकास से बौत पिछड़यू छ। आज हमर यमकेश्वर मा न सड़क ना अस्पताळ अर ना होर सुविधा। हमर यख जनता अजों तकन सियीं छ, अर जनप्रतिनिधि भी उथगा सजग नी छन। येक महोत्सव यमकेश्वर मा कराण बौत जरूरी लगणू छ, एक जनजागरण की जरूरत यमकेश्वर कुणी छ।

       वैक बाद हम ब्यखन दौं वापस कोटद्वार कुणी पैट ग्यवां अर बांज डाळियूं बीच सड़क सड़क हम लैंसडौन ह्वेक वापस कोटद्वार बिटी देहरादून अपण अपण ड्यार मा पौछ ग्यवां। रिखणीखाळ या यात्रा पहाड़ खुद त बिसरै ग्या पर पहाड़ पहाड़ नी रै गेन कुड़यू द्वार मोर पण लग्या ताळ अर उजड़द कूड़ बाझ पण्या पुंगड़ी एक घौ जिकुड़ी मा दे गेन। आखिर यू कुणी कब्ब खुलली रात।

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