उत्तराखंड सरकार ये फैसला बाद राज्य मा प्रधानमंत्री आवास योजना पकड़ली गति, 40 हजार व्यक्तियों तै आवास द्याण लक्ष्य

उत्तराखंड सरकार ये फैसला बाद राज्य मा प्रधानमंत्री आवास योजना पकड़ली गति, 40 हजार व्यक्तियों तै आवास द्याण लक्ष्य

देहरादून । प्रधानमंत्री आवास योजना क तहत कमजोर आय वर्ग (ईडब्लूएस) तै आवास मुहैया कराण की मुहिम अब राज्य मा गति पकडली। यी कड़ी मा कैबिनेट न उत्तराखंड आवास नीति (संशोधन) नियमावली-2020 तै मंजूरी दियाल। ये मा बिल्डरों तै राहत दीण दगड़ी पेच भी कस्या छन । साथ ही आवास से जुड़या विवादों निवारण बाबत कमेटी भी बणये जाली। येकअलावा लाभार्थी न मिलन दशा मा प्राधिकरणों से भैर क क्षेत्रों से भी चयन मा छूट दीये ग्यायी।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) क तहत राज्य मा 40 हजार व्यक्तियों तै आवास दीण का लक्ष्य च, लेकिन अभी तक केवल 14 हजार आवास ही स्वीकृत ह्वे पैन। ये बीच कोरोना संकट, कृषि भूमि क भू उपयोग परिवर्तित न हूँण समेत दूसर कारणों से या योजना गति नि पकड़ पाणा। ये दृष्टिगत आवास नीति की नियमावली मा संशोधन प्रस्ताव पर कैबिनेट न मुहर लगे याल । नियमावली मा साफ करे ग्यायी कि निजी भूमि मा बणन वाली ईडब्लूएस आवासीय परियोजनाओं मा निजी बिल्डरों तै छूट दीये ग्यायी कि वा ईडब्लूएस आवासों क निर्माण बाबत तय भूमि से इतर 15 फीसद विक्रय योग्य भूमि तै बतौर परफामेंस गांरटी बंधक रख सकल। लाभार्थियों तै कब्जा दीण तकन वे तै बंधक रखे जाल अर ये पर आण ह्वाल व्यय बिल्डर वहन करल। अलबत्ता, सरकारी भूमि पर बणन ह्वाल यूँ परियोजनाओं मा ईडब्लूएस आवासों की लागत क 10 फीसद राशि बैंक गारंटी क रूप मा प्राधिकरण, आवास विकास परिषद अर नगर निकाय क पक्ष मा जमा कराण अनिवार्य ह्वेली। पूर्व मा निजी व सरकारी भूमि की परियोजनाओं मामला मा 10 फीसद बैंक गारंटी अनिवार्य छेयी।

नियमावली क अनुसार बंधक भूमि तै ईडब्लूएस आवास क लाभार्थियों क पक्ष मा कब्जा, रजिस्ट्री आदि क प्रमाणित साक्ष्य उपलब्ध कराण बाद एक महिना भीतर बंधकमुक्त करे जाल। सरकारी भूमि क मामलों मा कार्यपूर्ति प्रमाणपत्र प्राप्त हूँण पर बैंक गारंटी की राशि लौटये जाली। यी भी प्रविधान करे ग्यायी कि यदि किसी निरस्त योजना मा निजी बिल्डरों न सरकारी भूमि पर निर्माण करायी, त ये मा क्वी सरकारी अनुदान लियूँ त अधिनियम की धाराओं क तहत वैसे वसूली करे जाली। ये दगड़ी जू निर्माण हुया ह्वाल, उते जब्त कर लिये जाल।

नियमावली क मुताबिक निजी बिल्डरों द्वारा आवास निर्माण अर विक्रय अफिक करल। आवास आवंटन बाबत लाभार्थियों क चयन शहरी विकास विभाग बिटी चिह्नित लाभार्थियों की प्रमाणित सूची, जिला विकास प्राधिकरण, स्थानीय विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिषद व नगर निकाय क सहयोग व निगरानी मा पीएम आवास योजना क प्रविधानों क तहत करे जाल। यदि किसी कारणवश प्राधिकरणों क क्षेत्राधिकार मा लाभार्थी नि मिलदन त प्राधिकरण क क्षेत्र भैर बिटी भी लाभार्थी चयनित करे जै सकदू।

शिकायतों के निराकरण को कमेटी

आवासीय योजनाओं के अनुश्रवण व क्रियान्वयन में आने वाली कठिनाइयों, बिल्डरों की समस्याओं और लाभार्थियों की शिकायतों के निराकरण के लिए जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण व स्थानीय विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। इसमें बिल्डर अथवा उसका प्रतिनिधि, संबंधित प्राधिकरण का प्रतिनिधि, तीन आवंटी व क्रेता सदस्य होंगे। इसी तरह आवास विकास परिषद में परिषद के अध्यक्ष और नगर निकायों में निदेशक शहरी विकास अथवा उसके नामित अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटियां गठित होंगी।

एफएआर मा भी दीये ग्यायी राहत

नियमावली मा गु्रप हाउसिंग क तहत एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) मा भी राहत दीये ग्यायी। पूर्व मा एफएआर क 35 फीसद ईडब्लूएस व 10 फीसद एलआइजी (भूतल व तीन तल) भवन निर्माण क अनिवार्यता छेयी। शेष एफएआर मएलएमआइजी, एमआइजी व एचआइजी भवन बणये जै सक्याद छ्यायी। अब नै प्रविधान क तहत एफएआर क 35 फीसद मा ईडब्लूएस अर शेष मा अन्य भवन बणये जै सक्याद। ईडब्लूएस मा आवास की लागत क वर्तमान दर छह लाख रुपये प्रति आवास रख्या ग्यायी।

अनुदान किस्त भी तय

पीएम आवास योजना क तहत ईडब्लूएस आवास बाबत लाभार्थी तै केंद्र सरकार बिटी डेढ़ लाख अर राज्य सरकार बिटी एक लाख रुपये का अनुदान मिलल। केंद्र सरकार बिटी अनुदान राशि 40, 40 व 20 फीसद क हिसाब से तीन किस्तों मा दीये जाली, राज्य क अनुदान 50-50 फीसद क हिसाब से द्वी किस्तों मा मिलल।

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *