मेहनती लगनशील एवं प्रयत्नशील युवा राजेश रावत के स्वरोजगार की ओर आगे बढ़ते कदम।

मेहनती लगनशील एवं प्रयत्नशील युवा राजेश रावत के स्वरोजगार की ओर आगे बढ़ते कदम।

यदि आप किसी काम को ईमानदारी, लगनशील और सोच समझकर और लोग क्या नकारात्मक कह रहे हैं, इस बात की परवाह न कर कार्य को अंजाम देने की ललक को पैदा कर आगे संघर्ष करते हुए बढ़ते हैं, तो स्वतः ही आप अपने मुकाम की ओर आगे बढ़ते हैं, आपकी पहचान आपके काम से है, आपका नाम कितना भी बड़ा क्यो न हो लेकिन आपका काम काबिले तारीफ नही है तो आपके नाम का कोई महत्व नही है। लेकिन यदि आप कुछ अलग हटकर काम करते हैं तो आपका नाम अवश्य ही समाज मे खुद ब खुद लिया जाने लगेगा, आपकी पहचान स्वयं बन जाएगी।

आज राजेश रावत की मेहनत औऱ लगनशीलता भी इसी का एक उदाहरण है। राजेश रावत के मुर्गी बाड़ा को में स्वयं देखकर आया हूँ, वँहा पर जाकर मुझे अपार हर्ष हुवा कि लॉकडाउन के बाद जिस तरह से नौकरी पेशा के प्रति निराशा के भाव जनम लेने लगे थे और युवा हताश हो गए थे, लेकिन गांव में रहकर कुछ करने की सोच रखने वाले युवाओं ने कर दिखाया कि यदि जूनून हो तो मिट्टी में भी सोना उगाया जा सकता है। राजेश, राकेश और दिनेश के जज्बे को सलाम जिन्होंने पिछले 10 साल से बंजर पड़ी जमीन को पुनः आबाद किया, साथ ही निर्जन हुए स्थान को पुनः सर्जब्ज किया है। कुछ ही माह बाद ये मुर्गियां अंडे देने लगेगी तो राजेश के मेहनत का फल उसे मिलने लगेगा।।

आज जब नौगाँव बुकण्डी विदासनी मोटर मार्ग का शिलान्यास किया तो श्री सतेश्वर प्रसाद जोशी जी के द्वारा फेसबुक लाइव पर मैं सभी आए हुए जनप्रतिनिधियों की बात सुन रहा था। शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान यमकेश्वर की विधायक जो कि आज के कार्यक्रम की मुख्य अतिथि थी अपने मुखार बिंदु से राष्ट्र, प्रदेश, क्षेत्र के विषय मे चर्चा कर रही थीं, इसी चर्चा के दौरान उन्होंने अंत मे स्वरोजगार योजना की बात भी की। स्वरोजगार योजना के चर्चा के दौरान उन्होंने राजेश रावत के मुर्गी पालन का उदाहरण भी प्रस्तुत किया। मुझे बहुत खुशी हुई कि राजेश का नाम और गाँव का नाम जिस तरह से उन्होंने लिया और उदाहरण प्रस्तुत किया यह उन सभी युवाओं के लिये प्रेरणा है जो वास्तव में कुछ हटकर काम करना चाहते हैं। यमकेश्वर विधायक श्रीमती रितु खण्डूरी जी एवं यमकेश्वर के एसडीएम श्री मनीष कुमार जी के द्वारा राजेश रावत को बहुत सहयोग किया गया जिसके लिये हम उनका आभार प्रकट करते हैं। यमकेश्वर विधायक के द्वारा व्यक्तिगत इस पर ध्यान दिया जा रहा है, जो कि एक जनप्रतिनिधि का मुख्य दायित्व होता है, उसका वह निर्वहन कर रही हैं, यह प्रशंसनीय हैं।

राजेश रावत ने जिस तरह से मुर्गी पालन के लिये हिम्मत दिखाई है वह वाकई में प्रशंसा का पात्र है। उसने एवं उसके बड़े भाई राकेश रावत ने बहुत मेहनत करने के बाद वँहा पर बाड़ा बनाया है। आज राजेश के पास 50 के करीब देशी मुर्गियां है, उसी के नजदीक में दिनेश रावत के द्वारा भी बाड़ा तैयार किया जा रहा है, इन तीनों युवाओं ने स्वरोजगार के लिये वाकई में हिम्मत दिखाई है। राजेश की मेहनत और लगन का परिणाम है कि वह अपने कदम प्रगति की ओर बढ़ा रहा है। राज्य सरकार द्वारा दिये जाने वाले स्वरोजागर के लिये की गई ऋण व्यवस्था में ग्रामीण क्षेत्र के लिये कुछ तकनीकी समस्या आ रही है, जिनका निराकरण का प्रयास किया जाना भी जरूरी है।

मैं अपने लेख के माध्यम से इन तीनो युवाओं की पीड़ा को या कहूँ कि धरातलीय सच्चाई को शासन प्रशासन तक पहुचाने का प्रयास कर रहा हूँ। हमारे क्षेत्र में बरसात में सड़क की बड़ी समस्या है, यदि इन लोगो का स्वरोजगार फलीभूत होगा तो बाजार तक जाने के लिये सड़क का होना नितांत आवश्यक है, क्योकि अंडों की आपूर्ति तो बाजार में ही होगी। अतःस्थानीय लोगो की मुख्य समस्या सड़क की है, हमारे क्षेत्र को सड़क से जोड़ने के लिये मात्र तीन किलोमीटर सड़क की आवश्यकता है। ताल खैराणा मोटर मार्ग को तालेश्वर महादेव से धारकोट जुलेड़ी मोटर मार्ग से साकिलवाड़ी गाँव से जोड़ा जाना आवश्यक होगा, साथ ही धारकोट जुलेड़ी मोटर मार्ग जो अवशेष है उसका निर्माण किया जाना क्षेत्रीय हित मे आवश्यक है।

©®@ हरीश कंडवाल मनखी की कलम से।

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