अनोखी रामलीलाः यख जू भी औतू (निःसंतान) बणदू राजा जनक, वैक घर मा गूंजे करदन किलकारी

अजकली नवरात्र दिन चलणा छन, भगवान रामजी रामलीला पूर देश मा हूणा छ। इनी रामलीला उत्तराखण्ड उत्तरकाशी मा संग्राली गौं रामलीला से जुड़यू एक मिथक यी रामलीला तै खास पहचान दिलायी। बतये जांद कि करीब पॉच दशक बिटी उरयाणी ह्वाळी रामलीला मा हर साल राजा जनक किरदार निभाण ह्वाळ आदमी तै संतान सुख मिलद।
ये बाबत गौं मा हर साल औतू तै ही राजा जनक किरदार निभाण खातिर मौका दिये जांद। ये तै मिथक बुले जाव या चमत्कार, लेकिन संग्राली गौं की रामलीला मा पिछल पॉच दशक मा हर साल राजा जनक किरदार निभाण ह्वाळ तै संतान सुख मिलदू। वरूणा पर्वत एेंंछ बस्सूं संग्राली गौं बुर्जुग रामकृष्ण भट्ट, सूरजमणी नैथानी बतै करदन कि गॉव मा साल 1967 बिटी रामलीला उरे कन आणा छ। भले आज बगत मा ये आयोजन तै भव्य स्वरूप नी मिली ह्वाव, लेकिन ये से जुड़ी एक बात न रामलीला तै विशेष बणै द्यायी।
ज्यादा लोगू घर मा ह्वायी नौनी जलम
डन बतै कि शुरूवाती साल मा माता सीता पिता राजा जनक किरदार निभाण ह्वाळ कुछ औत ( निःसंतान) लोगू घर मा रामलीला पूर हूण बाद ही नौन्याळू जलम ह्वायी। ताज्जुब बात या छ कि यूं मनन ज्यादा लोगू घर मा बेटी जलम ह्वायी। येक बाद ये मिथक न लोगू दिल मा रामलीला खातिर अपार आस्था ह्वे ग्यायी, जै वजह से हर साल राजा जनक किरदार निभाणा खातिर औतू मनखी तै मौका दीण पंरपरा शुरू ह्वे ग्यायी।
उन बतै कि अजों तकन राजा जनक पात्र निभाण ह्वाळ स्व0 महिमानंद भट्ट, स्व0 सुरेशानंद भट्ट, ज्योति प्रसाद नैथाणी, रूद्रेश्वर प्रसाद भट्ट, लक्ष्मी प्रसाद नैथाणी, सूर्यप्रकाश नौटियाल, सुबोध भट्ट, प्रमोट भट्ट, संतोष सेमवाल, हरि सिंह चौहान शंभू प्रसाद नैथाणी अर होर लोगू तै संतान सुख मिली।

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