सरकरी स्कूल ये मास्टर न बणायी अपर प्रयासू से मॉडल स्कूल, येक दगड़ी पर्यावरण बचाण खातिर लगैन 40 हजार डाळ

सरकरी स्कूल नाम सुणी कन लोग आम तौर पर इनी सुचदन कि बस यी दाळ भात खलाण ह्वाळ स्कूल छन, जबकि यीं बात तै धत्ता बताणा छन सरकरी स्कूल एक इन गुरूजी जौन अपर प्रयासू से स्कूल तै आज मॉडल स्कूल ही नी बणायी बल्कण देहरादून प्राईवेट हाई क्लास स्कूल भी ये समणी कुच्छ नी छन। आज हम इनी एक गुरूजी बाबत बतौला जौन जैन अपर स्कूल तै अपर निजी प्रयासू अर निस्वार्थ सेवा से सबसे अगड़ी लैन मा खड़ू करी। येक इन मास्टर जैन अजों तकन पर्यावरण बचाण खातिर 40 हजार डाळ लगैयेन।


आज हम बात कना छवा जिला रूद्रप्रयाग राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोट तल्ला गुरूजी सतेन्द्र सिंह भण्डारी जौन पर्यावरण संरक्षण अभियान चलायी अर आज भी वै पर कायम छन। आज बगत जख एक तरफ सरकरी स्कूलू मा पढै पर लोगू भरोसू कम रै ग्यायी, वखी सतेन्द्र भण्डारी न अपर व्यक्तिगत प्रयासूं तै स्कूल तकदीर अर तस्वीर बदली। आज यूंक यू प्रसास ना सिरफ मिसाल बणीन बलकण, सरकरी स्कूलू पर लोगू भरोसा बढण लगी ग्यायी। यी यूंकी कोशिश नतीजा च कि आज महानगरू प्राईवेट नामी गिरामी स्कूलू से राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोटा तल्ला मीलों अगडी च।

यीं स्कूल मा प्रोजेक्टर बिटी पढैं ह्वे करदी, यी जिला पैल स्कूल च जख कम्प्यूटर बिटी शिक्षा दिये जांद। यख पर्यावरण विषय पर बच्चांं तै डॉक्यूमेंटरी फिल्म दिखये जंदीन अर नै नै जानकारी दिये जांद। पैल यख छात्रों संख्या इकाई मां छेयी आज यख 40 विद्यार्थी अपर भविष्य बणाणा छन। आज ये स्कूल मा सतेन्द्र भण्डारी प्रयास अर समर्पण भाव कारण यू स्कूल पूर जिला ना बल्कण पूर प्रदेश मा आदर्श स्कूल बणी ग्यायी। यख बच्चों तै ना केवल गुणवत्तापूर्वक शिक्षा दिये जांद बल्कण येक दगड़ा दगड़ी पर्यावरण संरक्षण ज्ञान भी दिये जांद। यख बेहतरीन शिक्षा दगड़ी खेलकूद अर सांस्कृतिक धरोहर तै भी संभळें जांद।


सतेन्द्र भण्डारी मूल रैवासी कोटगी घोलतीर रूद्रप्रयाग छन अर कोटा तल्ला मा शिक्षक छन। अपर घरवळी अनीता देवी दगड़ी अजों तकन बांझ पुगड पर अनेको प्रजाति डाळ बूटी लगाणा छन। पर्यावरण खातिर यूं तै अजों तकन द्वी दर्जन पुरस्कार भी मिली चुकी गीन। यूंक स्कूल मा जू भी मेहमान ऐ करदू वैमा यी एक डाळ जरूर लगै करदन। वखी महत्वपूर्ण दिनवार पर भी यी पौधारोपण करे करदन।

ये  स्कूल एक होर खासियत या छ कि यी स्कूल सिरफ पढाण की नी च बल्कण यख इन लगदू जन क्वी प्रशिक्षण संस्थान ह्वाल। कोटा तल्ला यी राजकीय प्राथमिक स्कूल कै प्रशिक्षण संस्थान अर संग्रहालय जणी लगदू। पूर परिसर मा फलदार डाळ, स्कूल पाळीयूं पर वीरूं, वीरागंनाऊं अर स्वतन्त्रता सेनानियूं चित्र लगयां छन। क्लास बड़ी सुंदर ढंग से सजी रै करदी। ये स्कूल मा जब भी क्वी नौन्याळ प्रवेश ल्यांद त उ पैल दिन एक डाळ जरूर लगै करदू, अर वी वैख देखभाळ भी करदू। आज स्कूल नर्सरी मा फलदार डाळू 15 हजार पौधा उपलब्ध छन। ये स्कूल मा व्यवहारिक शिक्षा दगड़ी स्वरोजगार गुण भी बच्चों तै सिखये जांद। ये स्कूल मा संगीत शिक्षा दिये जांद, स्थानीय हस्त शिल्पियों बिटी बच्चों तै रिंगांळ ठुपरी कलमदान, बणाण सिखये जांद। वखी माळू पत्तों पत्तळ अर कटोरी बणाण प्रशिक्षण भी बगत बगत पर दिये जांद।
ये बाबत सतेन्द्र सिंह भण्डारी बुलण च कि हम तै अपर जीवन तै बचाण च त पढै दगड़ी हम तै पेड़ पौधा तै भी जुगळण पड़ल। जब डाळ बूट राल तभी जीवन भी राल। जैव विविधता सुरक्षित राल त मानव जाति सुरक्षित राली।

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