उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पैतृक ग्राम सभा सीला तोक के गली का वन के निवासी तरस रहे है पानी को

हाथी के दॉत दिखाने के और होते हैं, और खाने के और होते हैं, यह कहावत चरितार्थ हो रही है उस घर के आगे जिसके ऑगन में पानी का नल लगा हो, लेकिन अंदर पानी नहीं मिलता है पीने के लिए। उस परिवार को वह नल कचोटता है, क्योंकि जब एक कैंसर से पीडित 68 वर्षीय व्यक्ति पानी लाने के लिए कंधे पर बंठा रखकर उस नल से गुजर कर लगभग डे़ढ किलोमीटर दूर पानी लेने जाता है, और सिर पर रखकर हॉफते हुए आता है। यह कहानी अजीब जरूर लग रही होगी। लेकिन यमकेश्वर क्षेत्र के ग्राम सीला के गहली का वन और मुड़ी चौड़ नामक तोक में चार परिवार निवास करते हैं,वहॉ पर जल संस्थान की पंचुर पेयजल योजना के तहत वर्षो पुरानी लाईन है, लेकिन वहॉ पर साल 2010 के बाद मात्र एक दिन के लिए पानी भेजा गया जब सामाजिक कार्यकर्ता एसपी जोशी के द्वारा मुख्यमंत्री समाधान पोर्टल पर शिकायत की गयी तब जाकर जल संस्थान कोटद्वार द्वारा उक्त शिकायत के निराकरण के लिए पानी छोड़ा गया और वीडियो बनाकर आगे भेज दिया एवं शिकायत कर्ता को भेज दीया गया।


ग्राम सभा सीला में पंचुर राजस्व ग्राम के लिए जल निगम कोटद्वार द्वारा ढुगा -पंचुर पेयजल योजना के तहत पानी की आपूर्ति की जाती है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पैतृक गॉव तक तो पानी आता है, लेकिन उससे आगे गहली का वन और मुड़ी चौड़ नामक तोक में पानी नही पहुॅच पाता है, जिस कारण वहॅा पर निवासरत परिवारों वालों के लिए पानी दो किलोमीटर दूर से लाना पड़ता है। गहली का वन निवासी प्रमोद बडोला ने बताया कि उनके घर के ऑगन में पानी का नल लगा हुआ है लेकिन 2010 के बाद यहॉ पर पानी नहीं आ रहा है, जबकि पानी का बिल हमे भुगतान हेतु प्राप्त होता था लेकिन जब पानी नही आया तो हमने बिल का भुगतान नहीं किया, यदि पानी उपलब्ध हो जाता है तो बिल का भुगतान नियमित रूप से कर देगें।


उन्होने कहा कि उनके पिताजी कैंसर पीड़ित है, उनको मजबूरन पानी लेने के लिए डेढ किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इस संबंध में कई बार जल संस्थान कोटद्वार से लिखित एवं दूरभाष से सम्पर्क किया गया लेकिन अभी तक इस संमस्या का समाधान नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री समाधान पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के बाद दिखावे के लिए एक दिन पानी छोड़कर वीडियो बनाकर समाधान पोर्टल पर अपने कर्त्तव्यों की इतश्री कर ली। स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्वजल योजना जब तक धरातल पर उतरती है तब तक उनके लिए पानी का अस्थायी समाधान यथाशीध्र किया जाय और स्थानीय प्राकृतिक स्त्रोंतो से पानी उपलब्ध कराया जाय। क्योंकि गर्मियों के दिनों में जो पानी की नाव है, वहॉ पर पानी सूख जाता है और उन्हे तब नीचे लक्ष्मीपुर (ठेंगाबॉज ) के पानी स्त्रोत से पानी खड़ी चढाई में चढकर लाने को मजबूर होना पड़ता है।


इस संबंध में ग्राम प्रधान सीला से बात की गयी तो उन्होने बताया कि हमने ग्राम सभा की ओर से जिलाधिकरी पौड़ो को पत्र भेजकर समस्या के निराकरण के लिए अनुरोध किया साथ ही जल /निगम संस्थान कोटद्वार से सम्पर्क कर समस्या के समाधान के लिए कहा गया, और इस हेतु नजदीकि जल स्त्रोत से पानी लाने हेतु ग्राम सभा स्तर से भी अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दिया है। जबकि जल संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि यह योजना ग्राम सभा की है, जिसे स्वजल योजना के तहत हर घर नल के तहत जोड़कर पानी की समस्या का समाधान किया जायेगा।


जल निगम के अधिशासी अभियन्ता सरिता गुप्ता द्वारा का कहना है सीला ग्राम सभा कि गहली वन तोक में पंचुर पेयजल योजना के तहत पानी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव और आगणन कर लिया है, जल्दी ही योजना के अन्तर्गत पानी उक्त परिवारों को उपलब्ध करा दिया जायेगा।

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