शहादत पूरी फिर भी बुले जांद यूं कुणी अ़़र्द्धसैनिक, सुविधा मामला मा भी अजों तकन पिछड़या छन

देश खातिर कुर्बानी दीण मा सबसे अगड़ी रण ह्वाळ अ़़र्द्धसैनिकू बलूं तै सुविधाउं मा अजों तकन पिछड़या छन। सेना जणी ही देश हिफाजत कन कुणी अपर सब्ब कुच्छ न्यौछावर कन ह्वाळ अ़़र्द्धसैनिकू तै न ड्यूटी दौरान सेना समान सुविधा मिलदी अर ना रिटायर हूण बाद उं तै सैनिकू जणी सामाजिक सुरक्षा दीये जांद। कश्मीर मा शहीद हूण ह्वाळ अर्द्धसैनिकू शहादत बाद यू मुद्दा एक बार फिर उत्तराखण्ड विधानसभा सदन मा भी उठी, द्वाराहाट विधायक महेश नेगी न अर्द्धसैनिक तै भी सेना सेना समान सुविधों की मॉग करी। दरअसल अ़र्द्धसैनिक बल सुविधा अर सामाजिक सुरक्षा मामला मा अजों तकन सेना से काफी पिछड़या छन। जख उंते शहीद हूण दर्जा भी आसानी से नी मिलदू वखी वेतन भत्ता अर रिटायरमेंट बाद भी सेना क मुकाबला मा कम सुविधा मिलदन। पूर्व केन्द्रीय सशस्त्र बल कार्मिक संगठन क प्रदेश अध्यक्ष अर बीएसएफ बटी रिटायर्ड आईजी एसएस कोठियाल बुलदन कि अर्द्धसैनिक बौत पैल बटी विसंगति तै दूर कना खातिर मॉग कना छन, लेकिन कै भी सरकार अजों तकन उंकी मॉग पर विचार कना तकन नी सोची।
फाईलू मा बंद च कल्याण परिषद
उत्तराखण्ड मा अ़र्द्धसैनिकू हित खातिर रक्षा अर समस्याओं क समाधान खातिर नवम्बर 2015 मा सरकार अर्द्धसैनिक कल्याण परिषद क गठन करी छ्यायी। ये खातिर अध्यक्ष पद कुणी डीजाईजी स्तर क रिटायर अधिकारी कुणी तय करे गे छ्यायी, पर अजों तकन यू परिषद फाईलू बटी भैर नि निकळी पायी। खबरयों खबर अनुसार परिषद गठन बाद जब सैनिक कल्याण विभाग न येक निदेशालय की स्थापना खातिर बजट मॉग करी त सरकार न मुख फरकै द्यायी।
विसंगति हूण पैथर या भी च एक वजह
सेना अर अर्द्धसैनिक बलूं बीच की विसंगति पैथर कुच्छ वजह छन। बात दरअसल या च कि थल सेना, जल सेना, अर वायु सेना रक्षा मंत्रालय अधीन ऐ करदन जबकि बीएसफ सीआरपीएफ, आईटीबीपी एसएसबी, सीआईएसएफ अर असम राईफल्स गृह मत्रांलय अधीन ऐ करदन। सेना मा जख एक सिपै 38 से 42 साल मा रिटायर ह्वे कन ऐ जंदीन, वखी अ़र्द्धसैनिक बल रिटायरमेंट उम्र 60 साल च मत्रांलय अलग अलग हूण बजह से वेतन भत्ता अर होर सुविधा मा फासला एें जांद। सरकार सैनिकू तै जल्द रिटायर हूण कारण उंते ज्यादा सुविधा दे करदी।
यी छन विसंगति
1़ एक जनवरी 2004 बाद नियुक्त अर्द्धसैनिकू तै पेंशन सुविधा ना।
2़ सेना अधिकारी-सेना समान वेतनमान अर भत्ता नी मिल दन।
3 अर्द्धसैनिकू की कैंटीन मा जीएसटी रियायत नी हूण मैहगूं सामान।
4 शहीद क दर्जा मानक स्पष्ट नी हूण से कत्ती सुविधाउं से बंचित।
5 उपनल मार्फत रिटायर अर्द्धसैनिकू तै उंक आश्रितूं तै नौकरी सुविधा नी च।

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