प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समणी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बिटी उत्तराखंड यूँ द्वी धाम मास्टर प्लान जानकारी साझा करी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समणी वीडियो कांफ्रेंसिग बीटी श्री बदरीनाथ धाम क मास्टर प्लान पर प्रस्तुतीकरण दिए ग्यायी। ये दगड़ी श्री केदारनाथ धाम क पुनर्निर्माण कार्यों प्रगति भी जानकारी दीये ग्यायी। ये मौका पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, सचिव दिलीप जावलकर सहित होर अधिकारी उपस्थित छ्यायी।

प्रधानमंत्री न निर्देश देंन कि श्री बदरीनाथ धाम क मास्टर प्लान मा यी बात विशेष ध्यान रखे जाव कि वख क पौराणिक अर आध्यात्मिक महत्व बन्यू राव।मिनी स्मार्ट, स्पिरीचुअल सिटी रूप मा विकसित करे जाव ।होम स्टे भी विकसित करे जै सकदन। निकटवर्ती होर आध्यात्मिक स्थलों तै भी ये जुड़े जाव। बदरीनाथ धाम क प्रवेश स्थल पर विशेष लाइटिंग व्यवस्था ह्वाव जू आध्यात्मिक वातावरण क अनुरूप ह्वाव। बद्रीनाथ मास्टर प्लान स्वरूप पर्यटन पर आधारित न ह्वाव बल्कि पूर्ण रूप से अधात्मिक ह्वाव। प्रधानमंत्री न केदारनाथ धाम क पुनर्निर्माण कार्यों क भी समीक्षा करी।

ये बाबत मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत न ब्वाल कि बदरीनाथ धाम व केदारनाथ धाम विकास कार्यों मा स्थानीय लोगू क सहयोग मिलनू छ। निकटवर्ती गांवों मा होम स्टे पर काम करयाणा छ। सरस्वती व अलकनंदा संगम स्थल केशवप्रयाग तै भी विकसित करे जै सक्याद। बदरीनाथ धाम मा व्यास व गणेश गुफा विशेष महत्व छ। यूँक पौराणिक महत्व जानकारी भी श्रद्धालुओं तै मिलणि चियाद। बदरीनाथ धाम क मास्टर प्लान पर काम कन मा जमीन समस्या नी ह्वेल। केदारनाथ जणी बद्रीनाथ मा भी 12 महीना काम करे जाल।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज न ब्वाल कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना अर चारधाम राजमार्ग परियोजना पर तेजी से काम चलना छ। ये से श्रद्धालुऔ बाबत चारधाम यात्रा काफी सुविधाजनक ह्वे जाली।

बदरीनाथ धाम क मास्टर प्लान पर प्रस्तुतीकरण मा बतये ग्यायी कि ये अब 85 हैक्टेयर क्षेत्र लिया ग्यायी। देवदर्शिनी स्थल विकसित करे जाल। एक संग्रहालय व आर्ट गैलेरी भी बणये जाली। दृश्य अर श्रव्य माध्यम से दशावतार क बाबत जानकारी दीये जाली। बदरीनाथ मास्टर प्लान तै 2025 तक पूर कन लक्ष्य रखे ग्यायी। मास्टर प्लान तै पर्वतीय परिवेश अनुकूल बणये ग्यायी।

ये मौका पर मुख्य सचिव ओमप्रकाश न केदारनाथ धाम क पुनर्निर्माण कार्यों प्रगति भी जानकारी द्याय। उन बतायी कि शंकराचार्य जी समाधि स्थल क काम तेजी से चलणा छ। सरस्वती घाट पर आस्था पथ काम पूर ह्वे ग्यायी। दो ध्यान गुफाओं काम ये मैना आखिर तकन पूर ह्वे जाल। ब्रह्म कमल नर्सरी बाबत चिन्हित कर लिया ग्यायी। नर्सरी बाबत बीज एकत्रीकरण काम करयाणा छ। ब्रिज पुनर्निर्माण कर लिए गयायी।

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