फूल देई, छम्मा देई, देणी द्वार, भर भकार, ये देली बारम्बार नमस्कार, फूले द्वार, ऐ ग्यायी फूल देई को रंग बिरंगी त्यौहार

उत्तराखण्ड धरती अर यख रैवासी पर्यावरण खातिर बौत सजग छन। प्रकृति दगड़ी यूंक हर वार त्यौहार ह्वे करदन। हरेला, बसंत पंचमी, फूलदेई येकू सबसे बड़ू उदाहरण छन। उत्तराखण्ड मा हर मास हर मौसम मा त्यौहार अर उत्सव छन। यख साल भर उत्सव, पर्व, कौथिग बार त्यौहार बडो धूमधाम से मनयें जंदीन। बसंत ऋतु आंदी बंसत पचंमी बटी आवाभगत ह्वे जांद अर चैत मैना संग्रदी दिन मनये जाण ह्वाळ त्यौहार कुणी गढवाळ अर कुमांऊ मा फूलदेई बुले जांद वखी जौनसार भाबर मा गोगा। फूलदेई कुणी फूल संग्रांद भी बुले जांद। चैत मैना हिंदु धर्म पैल मैना हूंद ये हिसाब से आज बटी नै साल आवाभगत मा भी ये त्यौहार उल्यार हूंद।
चैत मैना संग्राद यानि 15 मार्च कुणी बसंत ऋतु आण पर फूलदेई त्यौहार शुरू ह्वे जाल, ये त्यौहार क मनखी सीध प्रकृति से सीध लगाव हूंद। गढरत्न नेगी जी गीत द्वी आखर याद अदींन, ’मेरा डांडियूं कांठयूं क मुल्क जैली त बसंत ऋतु मा जैयी’। बसंत ़़ऋतु मा डाळी मौळ जंदीन जगह जगह बुरांस फ्योंलि आडू, खुबानी, पुलम, नारंगी, कगजी, लींबू, बसिंग लाल सफेद फूल अर आम पर बौंर ऐं जदीन, पैंयां, कुळें डाळी लख दख ह्वे जदींन सरा ग्यौं जौ सारी हर भर दिख्यांद, मौळयारी नींद अलग आंद। जंगळू मा बन बनीक फूल तै तोड़ी कन छ्वट छ्वट नौन्याळ तोड़ी कन रिंगाळ कंड़ी या ठ्वपरी पर लंदीन अर गौं क हर मवस की देळी मा फूल डाळी कन अंदीन। देळी मा फूल डळद बगत ये गीत तै बुलदनः-

Loading...

फूल देई, छम्मा देई,
देणी द्वार, भर भकार,
ये देली बारम्बार नमस्कार,
फूले द्वार, ……. फूल देई, छम्मा देई,

वखी चल जाव तुम जौनसार भाबर मा त ये त्यौहार कुणी उ गोगा बुलदन। गोगा माता जौनसार की बणदेवी या फूलदेई की ईष्ट देवी मने जांद। जौनसार भाबर मा द्वी नौन्याळ गोगा माता तै अपर कंधा मा धरीकन ली जंदीन अर इनै उने कंधा मा झकोळे करदन। जै जै मवस देळी मा फूल डळण कुणी जंदीन उ मवस यूं नौन्याळू तै आटू चौंळ, गुड़ ते भेंट स्वरूप देकरदन। यी पूर फूलदेई त्यौहार कखी एक हप्ता त कखी एक मैना तकन चलदू। हप्ता या मैना आखिरी मा नौन्याळ तै वी दक्षिणा रूप मा पकौड़ी, आटू चौंळ गुड़ रूप मा दिये जांद अर बैसखी दिन यानी बैसाख मैना संग्रदी दिन यी नौन्याळ मिलीकन सामूहिक भोज बणदंन अर वै तै प्रसाद तौर पर सरां गौं मा बॉटी कन हंसद खिलद अफीक भी खंदीन।

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *