तिलाड़ी कांडः अपर हकहकूकों बाबत पंचायत कन ह्वाळ गौं रवासियूं तै गोळीयूं न मार दे छ्यायी

जंगळूं से जुड़यां अपर हकहकूकों की रक्षा कना बाबत 90 साल पैल एक आंदोलन करे गे छ्यायी अर येक दमन तै याद करी कन ये मुल्क लोग आज भी डर जंदीन। 30 मई 1930 कुणी टिहरी रियासत क अधिकारियूं न तिलाड़ी मैदान मा अपर हकहकूकों तै लेकन पंचायत कन ह्वाळ सैकड़ौं गॉव रैवासियूं तै गोळी न मारी दे छ्यायी। गोळीयूं से बचणा खातिर भगण ह्वाळ कत्ती लोग यमुना नदी मा डूब गे छ्यायी। तिलाड़ी कांड तै रवांइंर् ढंडक अर गढवाळ क जलियावांला बाग हत्याकांड नाम से भी जणे जांद।

तिलाड़ी कांड पर शोध कन ह्वाळ राइंका पुरोला प्रवक्ता डॉ0 राधेश्याम बिजल्वाण बतै करदन कि ब्रिटिश शासन काल मा अंग्रेजी हूकुमत न वन संपदा क दोहन अधिकार अपर हत्थ मा लिये छ्यायी। तब टिहरी रियासत न साल 1885 मा वन बंदोबस्त की प्रकिया शुरू करे गे छ्यायी। वर्ष 1927 मा रवांई घाटी मा भी वन बंदोस्त लागू करे ग्यायी। ये से गौं लोगू क जंगळ मा जुड़या हकहकूकों खतम कर दिये ग्यायी। वन संपदा क प्रयोग पर टैक्स लगायी अर पारंपरिक त्यौहारौ पर रोक लगे दे छेयी। एक गौड़ी एक भैसं अर एक जोड़ी बळद से ज्यादा मवेशी रखण पर प्रति पशु एक रूप्या साल भर टैक्स लगये ग्यायी, जैसे स्थानय रैवास्यूं मा रोष बढण लगी ग्यायी।

मार्च 1930 मा टिहरी क तत्कालीन राजा नरेन्द्र शाह स्वास्थ्य लाभ खातिर यूरोप गे छ्यायी त रियासत क अधिकारी निरंकुश ह्वे गे छेयी। जनाक्रोश तै दबाणा खातिर 20 मई खुणी डिप्टी कल्क्टर सुरेन्द्र्र दत्त नौटियाल अर डीएफओ पदमदत्त रतूड़ी न चार ग्रामीण नेताऔ तै गिरप्तार करी कन टिहरी जेल भेजी दिये ग्यायी।

गौं लोगू न यूं अधिकारियूं तै राड़ी ऑप क समीप घेराव करी। जख डीएफओ तरफ बिटी गोळी चलाण से द्वी गौं लोग शहीद ह्वे गीन। घटना विरोध मा ग्रामीणूं न 30 मई कुणी तिलाड़ी सेरा मा शांतिपूर्वक पंचायत कना छ्यायी। तब्बी टिहरी रियासत न दीवान चक्रधर जुयाल क अगुवे मा सेना न गौं रैवास्यूं तै चरी तरफ बिटी घेरी कन अंधाधुध गोळी चलाण शुरू कर द्यायी। जै मा सौ से ज्यादा लोग शहीद ह्वे गीन। 194 घैल लोगू तै गिरप्तार करी कर यूं मनन 70 लोग पर राजद्रोह क मुकदमा चलये ग्यायी। टिहरी जेल मा ये मनन 16 लोग शहीद ह्वे गे छ्यायी। यीं घटना की जानकारी मिलण पर राजा नरेन्द्र शाह न यूरोप से लौटी कन रवांई क्षेत्र दौरा करी। कुछ समय बाद राजा न बंदोबस्त तहत लगी कत्ती टैक्स हटै दे छ्यायी।

तिलाड़ी कांड मा यी लोग शहीद ह्वेन

डॉ0 राधेश्याम बिजल्वाण बतायी कि ये आंदोलन मा क्षेत्र क अजीत सिंह जून सिंह तुलसी, किस्या, गौर सिंह हीरा, हंसरू, नाराण, भगीरथ, हरिराम, गौरू गुंदर, ज्वाला सिहं, दिला, मदन सिंह, लुदर सिंह, गुलाब सिंह, शेरजंग, ब्रहमीदत्त, मीनू, हरक सिंह नामचंद, जीतू उदयराम, मोल्या आदि लोग शहीद ह्वे गीन। तब से क्षेत्र क ग्रामीण हर साल तीस मई खुणी तिलाड़ी शहीद दिवस क रूप मा मनै करदन। ये दिन तिलाड़ी शहीद स्मारक पर एकत्र ह्वेकन शहीदौं तै श्ऱद्धाजंलि दिये जांदी।

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