अंतराष्ट्रीय कबूतरबाजी गिरोह भौत जल्दी ह्वाल पर्दाफाश: रोशन रतूड़ी

रोशन रतूड़ी न बते कि भौत जल्दी एक इन बड़ अन्तराष्ट्रीय गिरोह क पर्दाफ़ाश करलू जैन अभी तकन ना जाणे कथगा भारतीय भाई-बैंणयूँ मनन विदेश भीजण क नाम पर अरबों लुटिन। मि ये पर भौत पैल बिटी काम कना छो। ये गिरोह मा अपर भौत से भारतीय अर दूसर देश क दलाल भी जुड़या छन, यी एक इन गिरोह च जू एक चक्कर मा फँसी ग्यायी त फिर येसे भैर निकलण बहुत मुश्किल च। एक किसम से दल दल च। यी गिरोह नक़ली आईडी, नक़ली वीज़ा भी बणे करदन। जैसे लोग जल्दी यूँक जालसाज़ी क चक्रव्यूह मा फँस जदीन।
लोगू ज़िंदगी भर की कमई तै बहले फुसलेकन आसानी से लूट लेकरदिन। ये गिरोह क भौत बड़ नेटवर्क च, जू बड़ी सफ़ाई से अपर काम करदू, यी लुटेरा गिरोह बहुत सफ़ाई से अपर काग़ज़ रखद अर विदेश मा जाण ह्वाल लोग बिना जाँच पड़ताल कर्या जल्दी से इस गिरोह पर विश्वास करी कन, अर अपरी मेहनत ख़ून पसीने की कमई ये गिरोह तै दे देकरदन।

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दगड्यो मि तै पता च कि ये काम इथगा आसान नि च, लेकिन जब मीन द्याख की कनमा हमर भारतीय सीधे-साधे, भाई बैंणयूँ तै लुटणा छन, कन करि कन विदेशी धरती मा नर्क जणी ज़िंदगी जीण कुणी मजबूर कर दे करदन। जौ मनन कुछ लोग दुखी ह्वे कन आत्महत्या कर ले करदन। फिर भी यूँक ख़िलाफ़ बुलंण कुणी क्व आवाज़ नि उठाद। इलयी मील फ़ैसला ल्याई कि ये गिरोह क पर्दाफ़ाश कन। अगर हज़ारों लोगों तै ये गिरोह से बचाद बगत ये मा मेरी जान भी चली ग्यायी त उ म्यार सौभाग्य ह्वाल।
जू लोग विदेशी धरती मा फँस जदिन जौक सुणन ह्वाल क्वी नी च कभी उक ध्वार जैकन बगद आँसु का दर्द तै समझो, फिर उकी तकलीफ़ क एहसास ह्वाल ! इंसानियत से बढ़ी कन कुछ भी नि च। ज़िंदगी एक बार मिलदी दूसरू खातिर जीण सीखों। अमीरू से ज़्यादा ग़रीब दीन दुंखीयो क साथ द्याव।
मि भगवान क धन्यवाद करदू कि उन मीतै अब तक (600 ) से भी ज़्यादा लोगों तै बचाण क सौभाग्य दयायि। भोळ मि रौलू नि रौलू पर, लेकिन इंसानियत की मशाल जगद रणी चियाँद।

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