उत्तराखंड

यात्रा के दौरान “अतिथि देवो भव:” की परम्परा का ध्यान रखें- महाराज

बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने पर देशवासियों को दी शुभकामनाएं

जीएमवीएन की बुकिंग पहुंची ग्यारह करोड़ चौरासी लाख के पार

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट पूर्ण विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुलने पर समस्त सनातन धर्मावलंबियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री यमुनोत्री, श्री गंगोत्री, श्री केदारनाथ और श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया है।

प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखंड के प्रमुख चारधामों में से एक बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देने के साथ साथ हेमन्त द्विवेदी को श्री बद्रीनाथ श्री केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष बनने और ऋषि प्रसाद सती एवं विजय कपरवाण को बीकेटीसी के उपाध्यक्ष बनाये जाने पर शुभकामनाएं दी हैं।

चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और पुलिस प्रशासन, स्थानीय प्रशासन से अपील करते हुए पर्यटन मंत्री महाराज ने कहा कि “अतिथि देवो भव” की परम्परा का निर्वाह करते हुए चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रृद्धालुओं के स्वागत और सत्कार का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। उन्होंने श्रृद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन का सहयोग करते हुए सभी श्रद्धालु अपनी यात्रा को सुरक्षित और सफल बनाने के लिए यात्रा में आने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें और अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार यात्रा की तैयारी करें। उन्होंने कहा कि ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी के कारण स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए आवश्यक दवाएं और उपकरण साथ रखें। यात्रा के लिए आवश्यक दस्तावेज़, जैसे कि पहचान पत्र और यात्रा अनुमति, साथ रखें। यात्रा के दौरान सरकार की गाईड लाईन और दिशा-निर्देशों का पालन अवश्य करें।

उन्होने बताया कि चारधाम यात्रा को लेकर श्रृद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है। 30 अप्रैल 2025 से प्रारम्भ हुई चारधाम यात्रा के पंजीकरण के तहत अभी तक 24,37, 444 (चौबीस लाख सैंतीस हजार चार सौ चवालीस) यात्री अपना पंजीकरण करवा चुके हैं। जबकि डेढ़ लाख के लगभग श्रद्धालु अभी तक धामों में दर्शनों का लाभ उठा चुके हैं।

धर्मस्व एवं पर्यटन मंत्री  महाराज ने बताया कि फरवरी 2025 से शुरू हुई जीएमवीएन गेस्ट हॉउसों की ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग के तहत अभी तक कुल 11,84,78,601 (ग्यारह करोड़ चौरासी लाख अट्ठहत्तर हजार छह सौ एक) रुपये से अधिक की बुकिंग भी की जा चुकी है।

3 thoughts on “यात्रा के दौरान “अतिथि देवो भव:” की परम्परा का ध्यान रखें- महाराज

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