क्राइम

फरीदाबाद में फर्जी आयुर्वेदिक दवा यूनिट का खुलासा, बिना लाइसेंस चल रहा था कारोबार

फरीदाबाद:  फरीदाबाद के नवीन नगर स्थित दीपावली एंक्लेव में चल रहे एक अवैध दवा कारखाने का भंडाफोड़ हुआ है। केंद्रीय आयुष विभाग (CDSCO), आयुष विभाग हरियाणा और स्थानीय क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। मौके से भारी मात्रा में अवैध आयुर्वेदिक दवाएं, पैकिंग सामग्री, संदिग्ध पाउडर, खाली कैप्सूल, बोतलें और दवाओं के फर्जी लेबल बरामद किए गए हैं।

ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई

शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह वर्कशॉप बिना किसी वैध लाइसेंस और अनुमति के धड़ल्ले से आयुर्वेदिक दवाओं की पैकिंग और बिक्री कर रही थी, जो ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के प्रावधानों का खुला उल्लंघन है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी वर्कशॉप को तुरंत प्रभाव से सील कर दिया गया है और इसके संचालकों के खिलाफ कानूनी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

बोरों में भरा मिला पाउडर, ‘एसएस हर्बल’ की सील बरामद

संयुक्त टीम जब दीपावली एंक्लेव की गली नंबर-7 स्थित दो मंजिला भवन में निरीक्षण के लिए पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई। इमारत में बड़े पैमाने पर दवा बनाने का खेल चल रहा था। बरामद की गई कुछ पैकिंग सामग्री पर ‘एसएस हर्बल’ (SS Herbal) की सील लगी हुई थी। इसके अलावा कई बोरों में संदिग्ध रासायनिक पाउडर और खाली कैप्सूल मिले। जांच में पता चला कि इस पाउडर को खाली कैप्सूलों में भरकर ऊंचे दामों पर बाजार में खपाया जाता था।

पिता-पुत्र चला रहे थे अवैध सिंडिकेट

क्राइम ब्रांच के अनुसार, इस अवैध वर्कशॉप को देशबंधु और उनका बेटा संदीप कुमार मिलकर चला रहे थे। पुलिस ने फर्म के प्रतिनिधि जितेंद्र कुमार को पहले ही हिरासत में ले लिया था, जिससे पूछताछ के बाद इस पूरी अवैध फैक्ट्री का राज खुला। आयुष विभाग की टीम ने मौके से बरामद दवाओं और पाउडर के 12 अलग-अलग सैंपल लिए हैं, जिन्हें परीक्षण और विश्लेषण के लिए लैब भेजा गया है। फिलहाल पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।