भूमि विवाद में हत्या के छह दोषियों को उम्रकैद, पिता-पुत्र समेत दो सगे भाई भी शामिल
मोतिहारी : बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के आदापुर में साल 2021 में हुए एक नृशंस हत्याकांड में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। मोतिहारी के द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विद्या प्रसाद की अदालत ने भूमि विवाद में एक व्यक्ति की हत्या के मामले में पिता-पुत्र और दो सगे भाइयों समेत कुल छह अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने सभी दोषियों पर 33-33 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना (अर्थदंड) भी लगाया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में उन्हें छह महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
सजा पाने वाले दोषियों की पहचान आदापुर थाना क्षेत्र के बैरिया सिरसिया निवासी कृष्ण मोहन सिंह, अनिल सिंह, अनिल सिंह के बेटे राजीव सिंह, टुन्नू सिंह उर्फ चंदन सिंह, और दो सगे भाइयों—वीरेंद्र सिंह व सुरेंद्र सिंह के रूप में हुई है। इन दोषियों में अनिल सिंह और राजीव सिंह (पिता-पुत्र) तथा वीरेंद्र व सुरेंद्र (सगे भाई) शामिल हैं।
यह पूरा मामला आदापुर थाना कांड संख्या 210/2021 से जुड़ा है, जिसकी प्राथमिकी स्थानीय निवासी प्रमोद सिंह ने दर्ज कराई थी। घटना 25 जुलाई 2021 की सुबह करीब 10 बजे की है, जब आरोपी प्रमोद सिंह के घर की जमीन पर अवैध कब्जे की नीयत से जबरन खूंटा गाड़ रहे थे। जब प्रमोद सिंह ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी।
झगड़ा देख जब प्रमोद सिंह के चाचा बृजकिशोर सिंह और भतीजा विवेक सिंह बीच-बचाव करने पहुंचे, तो आरोपियों ने उन पर भी हमला बोल दिया। इसी दौरान आरोपियों ने बृजकिशोर सिंह के सिर पर लोहे की खंती से जोरदार प्रहार कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कोर्ट में दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की थीं। अदालत में स्पीडी ट्रायल (त्वरित सुनवाई) के तहत लोक अभियोजक (पब्लिक प्रॉसिक्यूटर) प्रभाष त्रिपाठी ने कुल दस महत्वपूर्ण गवाहों को अदालत के सामने पेश किया।
गवाहों के बयानों और पुख्ता सबूतों के आधार पर न्यायालय ने सभी छह आरोपितों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 147, 148, 307 और 302 (हत्या) के तहत कसूरवार पाया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाकर जेल भेज दिया।
